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लालफाटक ओवरब्रिज- केंद्रीय मंत्री की रक्षा मंत्री से वार्ता के बाद जल्द एनओसी मिलने के आसार

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बरेली। कैंट एरिया में लालफाटक ओवरब्रिज के लिए जमीन का मामला सुलझने के आसार नजर आने लगे हैं। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने हाल बी में जमीन की एनओसी की फाइल जल्द पास कराने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता की है। जिला प्रशासन एनओसी की इस फाइल को करीब सात माह पहले ही शासन में भेज चुका है। सेतु निगम के स्थानीय अफसर भी यह रिपोर्ट एमडी को भेज चुके हैं कि दो से तीन माह में कैंट की जमीन नहीं मिली तो इस प्रोजेक्ट को रोकना पड़ेगा।
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इस ओवरब्रिज का काम पूरा करने के लिए सेतु निगम को कैंट एरिया में भी करीब 6500 वर्गमीटर जमीन की जरूरत है। सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी से प्रस्ताव लेकर डीएम कैंट में इस जमीन की एनओसी के लिए फाइल सात माह पहले शासन में भेज चुका है। इसके बाद इसकी अनुमति रक्षा मंत्रालय से मिलनी है। यह प्रक्रिया पूरी न हो पाने से लालफाटक प्रोजेक्ट के बीच में फंसने की आशंका पैदा हो रही है। सेतु निगम के सीपीएम देवेंद्र सिंह निगम के एमडी को यह रिपोर्ट भेज चुके हैं कि अगर दो से तीन माह में कैंट में जमीन नहीं मिला तो मजबूरी में इस प्रोजेक्ट को बीच में ही रोकना पड़ेगा। इसकी वजह यह भी इस ओवरब्रिज के लिए पीडब्ल्यूडी पर जितनी जमीन मिली थी, उस पर करीब 90 फीसदी से ज्यादा पुल का काम पूरा हो चुका है। बताते हैं कि कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने एनओसी दिलाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात है। इसके बाद यह मामला जल्द सुलझने के आसार है।

कब शुरू होंगे अस्थायी रोड और बिजली लाइन हटाने के काम
लालफाटक पर क्रासिंग से 30 मीटर की दूरी पर 320 मीटर लंबी अस्थायी रोड बनाई जानी है। इस रोड पर रेलवे के दोनों क्रासिंग के फाटकों को शिफ्ट करना है। इसके लिए 1.22 करोड़ का प्रोजेक्ट शासन में भेजा जा चुका है। इसकी मंजूरी न मिलने से रेलवे के ओवरब्रिज का निर्माण कार्य प्रभावित है। इधर, सेटलाइट पर भी काम को गति देने के लिए करीब छह करोड़ से बिजली लाइन की शिफ्टिंग होनी है, लेकिन शासन ने इसका प्रोजेक्ट भी अभी पास नहीं किया है।
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‘लालफाटक पर कैंट एरिया में जमीन के लिए रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलना जरूरी है। यह जानकारी मिली है कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने रक्षा मंत्री से बात की है। इससे यह मामला जल्द सुलझने के आसार हैं।’
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-देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
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