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Video: पूरे देश में वायरल मंजीत के पिता चौधरी की मुस्कान... उनके संघर्ष और जिंदादिली की निशानी है

Thu, 30 Nov 2023 02:15 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी के भैरमपुर गांव निवासी मंजीत के पिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यह उस वक्त का है, जब 17वें दिन उन्हें जानकारी मिली कि बेटा जल्द ही सुरंग से निकलने वाला है। 
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मंजीत के पिता चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू के बाद सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें एक पिता का संघर्ष है, खुशी के आंसू हैं, खिलखिलाता चेहरा और वह जीवटता है, जिसके दम पर वह 17 दिनों से टनल के बाहर खड़े होकर बेटे का इंतजार कर रहे थे। यह वीडियो लखीमपुर खीरी के भैरमपुर गांव निवासी मंजीत के पिता चौधरी का है। 

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जब उनसे पूछा गया कि यहां सरकार ने घोषणा कर दी है कि कुछ घंटे में बेटा बाहर आ जाएगा तो कैसा लग रहा है। घर पर जानकारी दे दी है कि नहीं। इस पर वह कहते हैं कि कहीं कुछ नहीं बताया है, वहां सब जान गए होंगे। यह कहते हुए उनके आंसू निकल आते हैं। उनसे बातचीत कर रहे मीडिया के लोग उनसे कहते हैं कि आपके आंसू निकल आए हैं। इस पर वह हंसते हुए बोलते हैं कि यह खुशी के आंसू हैं। उनसे कहा गया कि अब जब बेटे से मिलेंगे तो क्या कहेंगे उससे। 

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चौधरी बोलते हैं कि क्या कहेंगे, यही कहेंगे हमारा एक ही पौधा बचा है। वह हमें मिल गया है, उसे ही लेने आए हैं। वहां से बाहर निकलेगा तो समझो हमारे दिल में आ गया। उनसे पूछा गया कि खर्चे के लिए पैसे हैं तो कहते हैं कि हां घर से नौ हजार रुपये लेकर चला था। अभी सिर्फ 290 रुपये बचे हैं, मगर कोई चिंता नहीं है। कहते हैं कि मैं तैयार हूं, अपना और बेटे का बैग तैयार कर लिया है। बेटे को ऋषिकेश में गंगा में स्नान कराऊंगा।  


  

सरकार हमारे लिए भगवान, उन्हें खूब दुआ
मंजीत की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार हमारी भगवान हो गई। हमारे बेटे को बचा लिया। हमें भूखे नहीं सोने दिया। आगे कहा कि हम सरकार से मदद मांगेंगे। सरकार से पैसा लेकर भंडारा कराएंगे। हमारे पास न खेती न कुछ, सरकार से नहीं मांगेंगे तो किससे मांगेंगे। घर में मौजूद मंजीत के मामा गगन चौहान ने बताया कि यह बड़ी उपलब्धि है। अगर सरकार इतनी तत्परता से कदम ना उठाती, तो शायद उनका भांजा बाहर नहीं आ पाता।
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बच्चों ने परिजनों का बढ़ाया हौसला
मंजीत गांव के जिस पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पहले पढ़ाई कर चुका था। वहां के बच्चे बुधवार मंजीत के घर पहुंचे और परिजनों का हौसला बढ़ाया। शिक्षक ने ग्रामीण और परिजनों के साथ राष्ट्रगान गाया।
           
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