ऑपरेशन सिंदूर ने बदली महिलाओं के प्रति समाज की सोच
महिला थाने में कार्यरत पुष्पांजलि ने बताया कि पुलिस में काम करना दोनों बहनों का बचपन से सपना रहा था। पिता शिक्षक थे, जो पूरी तरह से हमारे सपनों पर भरोसा था, वही भरोसा हमें पुलिस कर्तव्यों में भी दिखाने का मौका मिला है। एसओजी सिपाही प्रमिला ने बताया कि बीते दिनों हमारी एसओजी टीम ने एक गोपनीय सूचना के आधार पर अफीम का रैकट पकड़ा। कई बार लोग महिला पुलिसकर्मियों को कम आंकते हैं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने हाल ही में महिलाओं के प्रति लोगों की सोच बदली है।
कई महिला पुलिसकर्मियों ने अपने पारिवारिक अनुभव साझा किए, जिसमें ताउम्र अपने परिवार को समय न दे पाने की चुनौती रहती है। लेकिन अपने कर्तव्य निभाने से संतुष्टि भी होती है। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि अधिकांश कर्मियों के बच्चे अलग रह रहे हैं, पति अलग शहर में हैं, इससे ज्यादातर त्योहार हमें वीडियो कॉल पर ही मनाने होते हैं।
एक अन्य पुलिस कर्मी ने बताया कि परिवार में यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो तुरंत छुट्टी नहीं मिल पाती। ऐसे में हम केवल सब्र कर सकते हैं। क्योंकि देश सेवा सर्वोपरि है। इन दौरान एसआई संगीता, किरन, शालू पवार, प्रमिला, नियति, वैशाली, अलका, हेड कांस्टेबल मंजीत, गायत्री, निशू चौधरी, वैशली, रितेश आदि उपस्थित रहीं।