बरेली। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को बेहतर सेवा मुहैया कराने में उपकरणों की कमी से जूझ रहे हैं। सुभाषनगर और बानखाना आंगनबाड़ी केंद्र पर इंफैंटोमीटर और स्टेडियोमीटर उपलब्ध नहीं है। सिविल लाइंस समेत कई केंद्रों पर इंफैंटोमीटर है पर खराब होने से जांच नहीं हो पा रही।
स्टेडियोमीटर से दो वर्ष से अधिक आयु के बच्चों की लंबाई खड़े होकर और इंफैंटोमीटर से दो वर्ष से कम आयु के शिशुओं की वृद्धि को लिटाकर आंका जाता है। वृद्धि चार्ट पर लंबाई बढ़ने के पैटर्न को ट्रैक किया जाता है, जिससे बच्चे की पोषण की स्थिति और समग्र विकास का आकलन हो सके। साथ ही, बच्चे के शारीरिक विकास, बौनापन (छोटा कद), दुर्बलता जैसी संभावित समस्या की पहचान हो और उसके अनुसार इलाज मिले। हालांकि, जब उपकरण ही मौजूद नहीं हैं तो जांच की स्थिति का अंदाजा खुद लगा सकते हैं। जहां उपकरण हैं, वहां जांच में अनदेखी हो रही है।
रिपोर्ट के अनुसार जहां उपकरण मौजूद हैं उनमें से पुराना शहर और क्यारा केंद्र पर सौ फीसदी जांच हुई। मुड़िया नवी बक्श में 93, फरीदपुर में 91, बिथरी चैनपुर में 81, मझगवां में 89, बरेली यूपीएचसी में 82 फीसदी जांच हुई। जिलाधिकारी ने नए उपकरणों की खरीदारी के निर्देश दिए हैं। ब्यूरो