मिट्टी के लिए खेतों में 10 फुट तक कर दी खोदाई
मकरंदपुर, सरदारनगर, चांडपुर समेत कई गांवों के खेतों में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। 10 फुट तक के गहरे खनन के कारण आसपास के किसानों में गुस्सा है। किसानों का कहना है कि विरोध और अधिकारियों से शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा।
मनोज कुमार ने बताया कि रात-दिन मिट्टी भरे डंपर दौड़ रहे हैं। कई जगह हाईवे पर अचानक कट आ जाता है। कई जगह वन-वे कर दिया गया है। संकेतक और चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। योगेश कुमार ने बताया कि बारिश के बाद कीचड़ व फिसलन ने खतरा और भी बढ़ा दिया है। जिन स्थानों पर मिट्टी का डलाव किया गया था वहां स्थिति ज्यादा खराब है। कई जगह मिट्टी के ढेर लगा दिए गए हैं।
परमेंद्र चौहान ने बताया कि रामगंगा से लेकर भमोरा तक स्थिति बेहद खराब है। स्कूल-कॉलेजों के आसपास भी संकेतक और चेतावनी बोर्ड न लगाना लापरवाही का उदाहरण है। हादसों का खतरा बना रहता है। किशकेंद्र सिहं ने कहा कि पिछले दिनों हाईवे पर डंपर की टक्कर से एंबुलेंस चालक की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं गया। बरेली-बदायूं के बीच रात में यात्रा खतरनाक हो गई है।
बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण और देवचरा-भमोरा के बीच बाइपास व फ्लाईओवर निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। आवश्यकता के अनुसार जल्द संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगवाए जाएंगे। अगर कहीं पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक एनएचएआई