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Bareilly News: अग्निशमन केंद्र पर संसाधनों की कमी अनदेखी से बचाव कार्य में आ रही चुनौती

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नवाबगंज/ बहेड़ी/ मीरगंज/ आंवला। तहसील क्षेत्रों में आगजनी की हादसों से निपटने के लिए अग्निशमन केंद्रों पर संसाधनों की कमी है। एक साल में तमाम आश्वासन के बाद भी इंतजाम पूरे नहीं किए गए। इस बीच नवाबगंज से दो दमकलों में से एक को प्रयागराज भेज दिया गया है। इससे बचाव कार्यों में चुनौती आ रही है।
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विभागीय अधिकारियों की लचर व्यवस्था जारी है। बरेली-पीलीभीत हाईवे पर नवाबगंज के गरगइया गांव के पास फायर स्टेशन स्थित है। अग्निशमन केंद्र की एक बड़ी गाड़ी और एक छोटी गाड़ी के साथ और सात दमकल कर्मियों की तैनाती है। लेकिन, अग्निशमन केंद्र समूची तहसील का जिम्मा संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है। तहसील क्षेत्र में 138 गांवों पर 11 दमकल कर्मी ही उपलव्ध हैं, जो किसी बड़ी घटना से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं है।

कस्बावासियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए जिम्मेदार गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अग्निकांड जैसे हालातों से निपटने के लिए समुचित इंतजाम नहीं है। कस्बे मे छह जगहों पर वाटर पंप लगे है, जो काफी समय से खराब पड़े हैं। इसके चलते आग बुझाने के लिए पानी की व्यवस्था अस्थायी तौर पर नगरपालिका से की जाती है। वह भी राम भरोसे है। यदि कस्बे में विद्युत सप्लाई हो रही है तो पानी उपलब्ध हो जाता है। अन्यथा इंतजार करना पड़ता है।
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लोगों ने बताया कि नवाबगंज में छह माह में कई जगहों पर हादसे हो चुके हैं। इसमें कई जगहों पर फायरकर्मियों ने पहुंचकर आग पर काबू पा लिया, जबकि कई जगह ऐसे हैं, जहां फायरकर्मी समय से नहीं पहुंच सके। इससे पीड़ितों को नुकसान हुआ।

केंद्र पर स्थिति : कांस्टेबल- 07, एफएसओ- एक, चालक -एक, सफाई कर्मी कोई नहीं, फालोवर- एक, गाड़ी-एक, क्षमता 2500 लीटर। संवाद

गाड़ी और स्टाफ कम है। एक दमकल से काम चलाया जा रहा है। दूसरे दमकल को प्रयागराज भेजा गया है। अपने पास इमरजेंसी के लिए फायर बुलेट है। कस्बे में संकरी गलियों में गाड़ी नही पहुंच पाती है। डिमांड भेजी गई है। शीघ्र ही स्टाफ और गाडियां मिलने की उम्मीद हैं। - पुष्पेंद्र सिंह फायर स्टेशन, प्रभारी गरगइया
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मीरगंज में दमकल एक, जरूरत अधिक की
मीरगंज। फायर स्टेशन प्रभारी केके बंसल ने बताया कि वह परसाखेड़ा फायर स्टेशन के प्रभारी हैं। उन पर मीरगंज का अतिरिक्त प्रभार है। यहां पर आग बुझाने के लिए एक गाड़ी और आठ फायरमैन हैं, जबकि चार की गैर जिलों में ड्यूटी लगी है। इस समय चार लोग हैं। एक चालक और एक कुक है, जबकि स्वीकृति 16 फायरमैन, दो हवलदार, दो चालक, दो कुक और एक स्वीपर की है। यहां पर दो बड़ी और दो छोटी गाड़ी होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मीरगंज में फायर ब्रिगेड के लिए कोई अपना कोई भवन नहीं है। यह पीएचसी के खंडहर भवन में संचालित है, जिसे ध्वस्त करने के भी नोटिस चस्पा किये जा चुके हैं, जबकि फायर स्टेशन की भूमि नेशनल हाईवे पर मौजूद है। संवाद

पांच कर्मियों को प्रयागराज माघ मेले के लिए भेजा

बहेड़ी। फायर स्टेशन बहेड़ी पर 10 वर्षों से अग्निशमन अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। उनके स्थान पर 5 वर्षों से द्वितीय अधिकारी योगेश कुमार सिंह अग्निशमन अधिकारी का कार्य देख रहे हैं। 12 फायरमैन तैनात हैं। चार फायरमैन रिक्त चल रहे हैं। 12 में से पांच को माघ मेले में भेज दिया गया है।

अब केवल सात फायरमैन के भरोसे अग्निशमन विभाग डटा हुआ है। दो आग बुझाने वाली गाड़ियां हैं। लेकिन, ड्राइवर एक ही है, जबकि यहां दो ड्राइवरों की आवश्यकता है। अग्निशमन अधिकारी द्वितीय योगेश कुमार सिंह ने बताया कि अभी यहां से स्टाफ माघ मेले में भी गया गया हुआ है। कम स्टाफ में काम चला रहे हैं। आग बुझाने की दो गाड़ियां तो है। लेकिन, एक ड्राइवर की कमी है। संवाद

आंवला के फायरकर्मियों की ड्यूटी माघ मेले में लगाई
आंवला। नवीन मंडी स्थल स्थित दमकल कार्यालय प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि माघ मेले के चलते इस समय उनकी डयूटी प्रयागराज में लगा दी गई है। आंवला फायर स्टेशन पर 16 के स्टाफ में केवल 10 लोगों की तैनाती है। इनमें से भी कई की ड्यूटी माघ मेले में लगाई गई है। इसके अतिरिक्त इस समय एक बड़ी दमकल की गाड़ी है, जबकि दो गाड़ियां होनी चाहिए। संवाद
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