सिरौली। अन्नदाताओं की मेहनत अव्यवस्था की भेंट चढ़ रही है। सिरौली क्षेत्र के 40 गांवों के किसान क्षेत्र में सरकारी गेहूं खरीद केंद्र (तौल केंद्र) न होने के कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये से प्रति क्विंटल 500 रुपये तक का घाटा झेलने को मजबूर हैं। अंजनी गांव के किसान शिवओम पांडे और रामपाल मौर्य बताते हैं कि व्यापारी मात्र 2,000 से 2,100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर गेहूं उठा रहे हैं। आर्थिक तंगी और अगली फसल की तैयारी के लिए रुपये की जरूरत के कारण किसान ठाकुर प्रमोद सिंह और शिशुपाल सिंह जैसे कई काश्तकार मजबूरी में अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेच रहे हैं। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से सिरौली में वैकल्पिक स्थान पर सरकारी केंद्र खोलने की मांग उठाई है।समिति का तर्क: जगह नहीं, इसलिए खरीद नहींसिरौली की साधन सहकारी समिति पर गेहूं की सरकारी खरीद होती थी, जिससे स्थानीय किसानों को वाजिब दाम मिल जाते थे। लेकिन, कई साल से यह केंद्र बंद है। समिति के चेयरमैन पुनीत गुप्ता ने बताया कि समिति परिसर बस्ती के बीच में स्थित है, जहां भारी वाहनों का पहुंचना मुश्किल होता है। परिसर में भंडारण के लिए पर्याप्त जगह न होना भी सरकारी खरीद बंद होने का मुख्य कारण बना हुआ है
यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है कि किसान सस्ते में गेहूं बेच रहे हैं। इसकी तत्काल जांच कराई जाएगी। क्षेत्र में गेहूं खरीद की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। — विदुषी सिंह, एसडीएम, आंवला