बरेली/मीरगंज। कुछ दिन पहले रामपुर के रास्ते दूसरे प्रांतों के मजदूरों की जिले में आमद के बाद सीमा पर खासा कोहराम मचा था। मजदूरों ने जाम लगाया तो उनकी जिम्मेदारी लेने में रामपुर और बरेली के पुलिस अफसर भिड़ गए थे। मामला डीजीपी तक पहुंचा तो उन्होंने एडीजी को कार्रवाई के निर्देश दिए। एडीजी मामले की अपने स्टॉफ ऑफिसर और खुफिया टीमों से जांच करा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई हो सकती है।
रामपुर के मिलक क्षेत्र से होकर बरेली के मीरगंज क्षेत्र में टैंकर, कैंटर, मिक्सर आदि वाहनों के अंदर छिपकर काफी मजदूर आ गए थे। इनमें से अधिकांश मजदूर बिहार और गोरखपुर क्षेत्र के थे। मीरगंज पुलिस ने इन्हें क्वारंटीन कर सुविधा देने के बजाय रामपुर जिले की सीमा में खदेड़ दिया, लेकिन रामपुर पुलिस ने उनकी जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया। करीब 36 घंटे मजदूर भूखे-प्यासे बॉर्डर के खेत में पड़े रहे। इसके बाद मजदूरों ने दिल्ली हाईवे पर जाम लगा दिया। मजदूरों को लेकर दोनों जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों में फिर तीखी झड़प हुई। बाद में रामपुर प्रशासन मजदूरों को अपने साथ ले गया था। इस झड़प की गूंज शासन तक पहुंची। डीजीपी के आदेश पर एडीजी जोन अविनाश चंद्र ने इसकी जांच शुरू करा दी है कि मजदूरों को परेशान करने वालों में कौन-कौन शामिल थे। स्टॉफ ऑफिसर ओपी यादव की जांच रिपोर्ट के बाद दोनों जिलों के अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।