बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। बृहस्पतिवार को छात्र-छात्राएं फ्लुइड मैकेनिक्स की प्रयोगशाला में वेंचुरी मीटर के सेटअप पर काम करते दिखे। छात्रों ने बताया कि प्रयोगशाला में इन मशीनों का इस्तेमाल असल इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी का अनुभव कराता है।
छात्र इन दिनों फ्लुइड मैकेनिक्स में अलग-अलग मशीनों का अध्ययन कर रहे हैं। वे वेंचुरी मीटर से पानी के कम-ज्यादा प्रेशर व अलग-अलग तत्वों के बहाव का अनुभव कर रहे हैं। विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर एमएस करुणा ने बताया कि प्रयोगशाला में आने के लिए छात्रों का शेड्यूल तय कर दिया गया है। इससे ग्रुप में आकर विद्यार्थी अपनी-अपनी रीडिंग नोट कर रहे हैं।
ये छात्र प्रथम वर्ष से दूसरे वर्ष में आए हैं, इन्हें अब मशीनों के माध्यम से केमिकल इंजीनियरिंग में इस्तेमाल होने वाले सभी सैद्धांतिक टर्म का परीक्षण कराया जा रहा है। छात्रों ने बताया कि इस मशीन का औद्योगिक क्षेत्र में काफी उपयोग होता है। फैक्टरियों, जल निगम, नगर निगम के पानी के बहाव को रोकने या कंट्रोल करने के लिए इसे इस्तेमाल किया जाता है।
प्रयोग करना सीख रहे छात्र
अब तक वेंचुरी मीटर के बारे में केवल पढ़ा था, अब इसका प्रयोग भी करना सीख रहे हैं। ये फ्लुइड मैकेनिक्स का भाग है। छोटी पाइप इंजीनियरिंग से लेकर बड़े डैम तक में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। - अभय, छात्र
बारी-बारी विद्यार्थियों का हर ग्रुप इस मशीन को ऑन करता है। जब पर्याप्त पानी बहने लगता है वेंचुरी मीटर से पानी का बहाव नियंत्रित किया जाता है। प्रयोग से चीजें करीब से सीखने को मिल रही हैं। - आदिल बेग, छात्र