कोविड मरीजों की जांच के लिए लगेंगे कई आधुनिक उपकरण
बरेली। संभावित तीसरी लहर की चुनौतियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बच्चा वार्ड बनाने और बेड बढ़ाने के साथ ही अब तीन सौ बेड कोविड अस्पताल में आधुनिक उपकरणों वाली लैब बनाने की कवायद शुरू हो गई है। वह जांच के लिए अभी तक दूसरे अस्पताल जाना पड़ता था, अब सभी जांचें यहीं हो सकेंगी।
सीएमएस डॉ. वागीश वैश ने बताया कि शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डीएम नितीश कुमार ने अस्पताल में ही लैब बनाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कोविड मरीजों की होने वाली सभी जांचों के लिए उपकरण लगाने के निर्देश दिए थे। अब ब्लड, शुगर, बीपी, सीटी, एचआरसीटी, मैन्युअल और डिजिटल एक्सरे मशीन, डी डाइमर, सीआरपी, फेरेटिन, आईएल-6, टीएसआर, सीवीसी, एलडीएच, इलेक्ट्रो लाइट समेत मलेरिया और टाइफाइड की भी जांच हो सकेगी। अब तक जरूरत पड़ने पर कोविड एल-3 अस्पताल में मरीजों को रेफर करना पड़ता था। डॉ. वैश ने बताया कि लैब स्थापित किए जाने की कवायद शनिवार से शुरू हो गई है। सामान्य जांच के सभी उपकरण मौजूद हैं। जो मौजूद नहीं हैं उन्हें खरीदने के लिए डीएम ने निर्देशित कर दिया है। उपकरण मिलते ही लैब शुरू हो जाएगी।
स्टाफ के संक्रमित होने का खतरा बेहद कम
डॉ. वागीश ने बताया कि कोविड चिकित्सालय में अभी तक आईसीयू वार्ड के पास ही लैब बनाई गई थी। जिसके चलते लैब के स्टाफ के संक्रमित होने का खतरा अधिक था। वहीं, किसी नए उपकरण को लगाने के लिए फर्म कर्मचारी अंदर जाने में घबराते थे। आधुनिक लैब फ्लू कॉर्नर, आईसीयू वार्ड से हटकर बनाई जा रही है। लैब में संक्रमण का खतरा कम होगा।