जिला अस्पताल में टीका लगवाती युवती।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बर्बादी रोकने के लिए दूसरे केंद्र के लाभार्थियों को एक जगह बुलाकर लगाई जाएगी वैक्सीन
बरेली। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से वैक्सीन की बर्बादी रोकने के लिए जारी निर्देश के बाद अब अफसरों ने नई रणनीति बनाई है। इसके तहत जब तक दस लोग केंद्र पर मौजूद नहीं होंगे, बॉयल नहीं खुलेगी। दूसरे केंद्र के लोगों को एक ही केंद्र पर बुलाया जाएगा। इसके बाद ही बॉयल खोली जाएगी।
कोविड वैक्सीनेशन के लिए जिले में हर दिन करीब 50 से ज्यादा सत्र आयोजित हो रहे हैं। वैक्सीन की बॉयल खुलने के चार घंटे बाद अगर एक भी डोज बची है तो वह बर्बाद हो जाती है। स्लॉट बुक कराने वाले लोगों के न पहुंचने की वजह से हर दिन दो या चार लोगों के लिए वैक्सीन की बॉयल खोली जाती है। जिससे सौ फीसदी वैक्सीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। लिहाजा, अब अफसरों ने बैठक कर वैक्सीन की बर्बादी रोकने के लिए योजना बनाई है। अब अगर एक केंद्र पर चार लोग, दूसरे पर पांच लोग और आसपास के किसी केंद्र पर एक व्यक्ति है तो सभी को पांच लोगों वाले केंद्र पर बुलाने के बाद ही बॉयल खोली जाएगी।
केंद्र पर मौजूद स्टाफ आखिरी बॉयल खोलने से पहले दस से कम लोग होने की जानकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी अथवा उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को देंगे। जो आसपास के केंद्रों की स्थिति पता कर और वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर पास के केंद्र पर जाकर टीका लगवाने के लिए कहेंगे। प्रशासन से स्वीकृति मिलने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने आदेश लागू कर दिया है।
टीका लगवाकर 7487 लोग हुए प्रतिरक्षित
शनिवार को चल रहे टीकाकरण अभियान के तहत जिले के सभी केंद्रों पर 7487 लोग प्रतिरक्षित हुए। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, 18 से 44 आयु वर्ग के 5585 लोगों ने वैक्सीन लगवाई जो लक्ष्य के सापेक्ष 75.4 रही। 45 के पार वाले 1902 यानी 38.4 फीसदी लोग प्रतिरक्षित हुए हैं। उन्होंने लोगों से टीकाकरण में लोगों से सहयोग की अपील की है।
‘केंद्र पर अगर लोगों की संख्या कम है तो इसकी जानकारी स्टाफ को देनी होगी। दो या तीन केंद्रों के लोगों को एक केंद्र पर भेजकर टीकाकरण कराया जाएगा, ताकि एक भी डोज बरबाद न हो। लोगों से अपील है कि वह वैक्सीन की बरबादी रोकने में सहयोग करें।’ - डॉ. आरएन सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी