बरेली में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बावजूद अब भी नहीं थम रहे जाम के हालात।
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शहर के प्रमुख नागरिकों ने कहा: बढ़ रहा संक्रमण, लेकिन बेखौफ हैं लोग
बरेली। ‘कोरोना संक्रमण को काबू करने में लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। साल भर तक संक्रमण से जूझने के बावजूद लोग सजग नहीं हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में सख्ती किया जाना ही विकल्प है।’ यह बातें शहर के प्रमुख नागरिकों ने कहीं हैं। उनके मुताबिक अभी भी अगर लोग जागरूक हो जाएं तो संक्रमण काबू कर सकते हैं अन्यथा लॉक डाउन जैसी सख्ती से ही कोरोना को काबू करना होगा।
जिले में बीते दो दिनों में हर दिन सौ से ज्यादा केस सामने आए हैं। अफसर, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी और सैन्यकर्मी समेत व्यापारी और आमलोग स्वास्थ्य विभाग से जारी संक्रमितों की सूची में शामिल हैं। जो बताता है कि संक्रमण उम्र, पद को नहीं देखता, जो लापरवाही कर रहे हैं वह कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। संक्रमण की दर भी तीन फीसदी से ज्यादा दर्ज हो रही है। प्रदेश से जारी कोविड रिपोर्ट में बरेली सक्रिय संक्रमितों की तादाद में नौवें पायदान पर पहुंच चुका है। ऐसी गंभीर स्थिति में शहर के प्रमुख नागरिकों ने लोगोें से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने और कोविड टीकाकरण कराने की अपील की है।
संक्रमण बढ़ रहा है फिर भी लोग अभी भी हल्के में ले रहे हैं। साल भर तक कोरोना का दंश लोगों ने सहा और फिर उसी राह पर चल रहे हैं। सख्ती के बगैर लोग नहीं समझेंगे। - डॉ. एके चौहान, वरिष्ठ चिकित्सक
लॉकडाउन या सख्ती शुरुआत में जरूरी थी, लेकिन अब लोग कोरोना की वजह और बचाव के तरीके से परिचित हैं। कोविड टीका लगवाएं और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। - डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर
बगैर लोगों के सहयोग के संक्रमण के फैलाव पर काबू नहीं किया जा सकता। लॉकडाउन संक्रमण से बचाव का विकल्प नहीं है, लेकिन प्रोटोकॉल सिखाने के लिए सख्ती जरूरी है। - राजकुमार अग्रवाल, पूर्व मेयर
यह कोरोना नहीं है कुछ और ही है, जो समझ में नहीं आ रहा है। कोई साधारण चीज नहीं लगती, कुछ और ही चल रहा है। फिलहाल जो सरकार की गाइडलाइन है, उसके साथ हैं। - सुप्रिया ऐरन, पूर्व मेयर