बर्बाद फसल का सर्वे तक नहीं हुआ और बेटी की शादी के चार दिन बचे थे। किसान ने हौसला खो दिया और शराब में जहर मिलाकर आत्महत्या कर ली। खुद की एक एकड़ जमीन के अलावा 15 बीघा बटाई पर भी ली गई जमीन में सिर्फ साढ़े चार क्विंटल गेहूं निकलने से परेशान था। नौ मई को उसे बेटी की लगन लेकर लड़के वालों के गांव शाहपुरा इनायतउल्ला जाना था। लेकिन पल्ले में पैसा न होने से वह परेशान था। इसके लिए वह कई जगह चक्कर लगा रहा था।
घटना व्यौधा गांव की है। बुधवार अपराह्न दो बजे 40 वर्षीय किसान राजू मौर्या उर्फ चंद्रप्रकाश के घर चीखें सुन कर ग्रामीण पहुंचे तो घर वालों ने बताया कि राजू ने दिन में ही शराब में जहर मिलाया और गटक लिया। कुछ ही देर में उसकी जान चली गई। घर वालों ने बताया कि फसल बर्बादी के कारण वह लेखपाल सोहन लाल के पास कई बार गया था मगर वह सर्वे को तैयार ही नहीं था। बेटी 10 जून को उसकी बिटिया करिश्मा की शादी होनी थी। इससे पहले नौ मई को उसे लगन लेकर जाना था।
इसके लिए राजू साधन सहकारी समिति बसुधरन के सचिव के पास 20 हजार रुपये का लोन मांगने के लिए भी गया मगर वे लोग उसे टरका रहे थे। राजू अपने पीछे बेटी हंसी, करिश्मा, मुस्कान और चार साल के बेटे अनुराग को रोता-बिलखता छोड़ गया। पत्नी सुशीला देवी की समक्ष में नहीं आ रहा अब क्या करे।