प्रदेश संगठन के आह्वान पर बृहस्पतिवार को भोजीपुरा के कांग्रेसियों ने ब्लाक परिसर में धरना प्रदर्शन किया। धरने में राष्ट्रीय किसान मोर्चा और साकार संस्था के महिला शक्ति संगठन भी शामिल रहे। इसमें किसानों को तीन हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजा मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया गया।
पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन ने कहा कि मुआवजे के नाम पर किसानों का मजाक उड़ाया जा रहा है। कहीं 10 और किसी गांव में 5 किसानों को चेक दिए गए हैं। सर्वे के नाम पर लेखपाल जमकर अवैध वसूली कर रहे हैं। पूर्व मेयर ने कहा कि किसानों के हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि में फसल बर्बाद होने वाले किसानों को तीन हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा देने की मांग सरकार से की। पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पांडेय ने कहा कि सहकारी समितियों से खाद लेते वक्त किसानों से फसल बीमा राशि काट ली गई। मगर मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि किसान विरोधी नीति वाले सरकारें ज्यादा दिन टिक नहीं पायेंगी। बीना शर्मा ने कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं। महिलाओं की आबरू लुट रही है। ऐसे में प्रदेश और केंद्र सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। धरने के बाद शाम करीब पांच बजे डीएम को संबोधित ज्ञापन ग्राम पंचायत अधिकारी को दिया गया। इसमें पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पांडेय, बिष्णु देव मिश्रा, भूरा अल्वी, इकराम खां, शरीफ अहमद सलमानी, हरीश गंगवार, विजय शर्मा, इंद्रजीत यादव, रामलाल मौर्य, सीताराम सागर आदि शामिल रहे। अध्यक्षता ब्लाक अध्यक्ष नबी हसन ने की और संचालन पीसीसी सदस्य पीएल शर्मा ने किया।