फसली नुकसान होने पर मानसिक रूप से टूटे किसानों की मौतों सिलसिला थम नहीं रहा है। बरेली मंडल में पांच और किसानों की सांसें थम गईं। बरेली में एक किसान ने फांसी लगाकर जान दी तो दूसरे की सदमे से मौत हुई। शाहजहांपुर में एक किसान ने फांसी लगा कर जान दे दी जबकि एक किसान सदमा झेल न पाने के कारण दुनिया से चल बसा। पीलीभीत में भी सदमा ग्रस्त एक किसान की मौत हो गई। बरेली मंडल में अब मरने वाले किसानों की संख्या 36 पहुंच गई है।
बरेली के क्योलड़िया थाना क्षेत्र के गांव रूकमपुर में 42 वर्षीय तिलकराम ने मंगलवार को घर के अंदर ही फांसी लगाकर जान दे दी। उनका सात बीघा में बोया सारा गेहूं बर्बाद हो गया। उधर, बरेली की ही मीरगंज तहसील के गांव नथपुरा में 60 वर्षीय नेतराम की सदमे से मौत हो गई। 13 बीघा में गेहूं बोया था, जो बेकार हो गया था। शाहजहांपुर जिले में बैंक कर्ज में डूबे कांट क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी 30 वर्षीय अशोक वर्मा ने खेत में फसल की बरबादी देख पास ही स्थित जीटीआई कैंपस में लगे जामुन के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। इसी जिले के जैतीपुर क्षेत्र के गांव खेड़ा रठ निवासी नत्थू लाल को बालियों में पर्याप्त गेहूं नहीं निकलने पर भारी सदमा लगा। सोमवार की शाम खेत से लौटकर नत्थू लाल ने बेचैनी की शिकायत की। गांव के डॉक्टर से प्राथमिक उपचार दिलाकर घरवाले उन्हें वापस ले आए, देर रात नत्थू लाल ने दम तोड़ दिया। प्रशासन इसे स्वाभाविक मौत मान रहा है। पीलीभीत की पूरनपुर तहसील के गांव शेरपुर मकरंदपुर के 45 वर्षीय सतनाम सिंह की मंगलवार को सदमे में हार्टअटैक पड़ने से मौत हो गई। बारिश से आठ एकड़ गेहूं की फसल चौपट हो गई थी। वहीं एसडीएम पूरनपुर ज्ञानेंद कुमार सिंह का कहना है कि फसल का नुकसान होने पर सतनाम सिंह को नियमानुसार सहायता दी गई थी। उनकी कैसे मौत हुई। इसकी बुधवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।