तहसील दिवस में डीएम को आना था इसलिए बड़ी संख्या में किसान अपना दुखड़ा सुनाने पहुंच गए। हाथों में गेहूं की बर्बाद हुई फसल को लेकर उन्होंने हंगामा किया। तहसील प्रशासन पर मनमाना सर्वे करने का आरोप लगाया। एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने सभी को मुआवजा देने का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया।
85 फरियादियों में 20 से ज्यादा लोग बर्बाद फसल की शिकायत लेकर आए थे। हालांकि किसी का भी मौके पर निस्तारण नहीं हुआ। अफसर उस समय हक्के बक्के रह गए जब भाकियू के मंडल अध्यक्ष शिशुपाल की अगुवाई में किसान किसान बर्बाद फसल लेकर पहुं गए। मंडल उपाध्यक्ष ढाकन लाल गंगवार, ब्लाक अध्यक्ष मंझगवा महाराज सिंह यादव, गिरीश पारासरी आदि ने कहा कि मनमानी रिपोर्ट के कारण ही किसान या तो आत्महत्या कर रहा है या सदमे से मर रहा है। राजस्व कर्मचारियों ने खेतों में जाना भी उचित नहीं समझा। किसानों को केसीसी बनवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बैंक वाले भी सुविधा शुल्क मांगते हैं। भाजपा जिला महामंत्री संजीव सक्सेना, महेश तिवारी, प्रभाकर शर्मा, वीर सिंह पाल आदि ने लेखपालों पर पक्षपात करने का आरोप लगाकर तीसरा सर्वे कराने की मांग की। खनगांवा श्याम के चमन सिंह ने लेखपाल पर गलत सर्वे करने का आरोप लगाया।