रुकुमपुर में फांसी लगाकर जान देने वाला तिलक राम कर्ज में डूबा था। फसल बर्बाद हो गई थी। बेटी की बारात दो मई को आनी थी। बेटी के हाथ पीले करने की चिंता उसे सताए जा रही थी। पत्नी से इस बारे में कहता था। पत्नी समझाती थी कि ऊपर वाले पर भरोसा रखो सब ठीक हो जाएगा मगर तिलक राम ने हौसला खो दिया।
तिलकराम के पांच बच्चों में 18 साल की सीमा सबसे बड़ी है। उसका रिश्ता पीलीभीत के नरैनापुर से तय हुआ है। दूसरी बेटी कुंती 15 साल, बेटा सुरेंद्र 12 साल, भगवत 11 साल और अंकित आठ साल का है। तिलकराम ने दो साल पहले अपनी कुछ जमीन बेचकर ट्रैक्टर डेढ़ लाख में खरीदा था। घर में कोहराम मचा है। लेखपाल और कानूनगो पुलिस को लेकर देरशाम गांव पहुंचे। एसडीएम रजनीश राय ने जांच के बाद परिवार को हर संभव मदद दिलाए जाने की बात कही है।
साइड स्टोरी
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फोटो
1. नेतरात का फाइल फोटो
2. किसान की मौत पर बदहवास हो गए घर वाले
फसल की बर्बादी से टूट गया था नेतराम
मीरगंज। नथपुरा के 60 वर्षीय नेतराम गंगवार मंगलवार सुबह बिस्तर पर ही मृत मिले। परिवार वालों ने कहा कि 22 बीघा जमीन के 13 बीघा हिस्से में गेहूं नष्ट हो गया था। मसूर, लाही और सरसों की फसल का भी यही हाल है। फसल की बर्बादी से वह तनाव में रहते थे। घर वालों के मुताबिक उन पर सहकारी समिति का 10 हजार का कर्जा भी था। नेतराम का एक बेटा और बेटी हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। 30 साल का बेटा धर्मेंद्र भी बेरोजगार है। उसके पास खेती में बूढ़े बाप का हाथ बंटाने के अलावा कोई और कामधंधा नहीं है। घर में कोहराम मचा हुआ है।