बारिश और ओलावृष्टि के चलते जिले के 71748 किसानों की 10776 हेक्टेयर भूमि में खड़ी गेहूं और जौ की फसल बरबाद हो गई है। इन किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए 37 करोड़ नौ लाख रुपये प्रदेश सरकार से मांगे गए हैं। इसमें से 1.75 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। डेढ़ करोड़ रुपये पिछले सप्ताह मिले थे, जबकि 25 लाख रुपये सोमवार की देर शाम आवंटित हुए हैं। यह सर्वे रिपोर्ट 50 फीसदी और उसके अधिक फसल की क्षति की है।
जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि जिले में 50 फीसदी और उससे अधिक की क्षति का सभी छह तहसीलों से सर्वे करा लिया गया है। 25 फीसदी से 49 फीसदी तक क्षतिग्रस्त फसल का सर्वे मंगलवार या फिर बुधवार तक पूरा होने की संभावना है। उसके आधार पर अलग से धनराशि की मांग प्रदेश सरकार से की जाएगी। 50 फीसदी से अधिक क्षति वाले किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए सोमवार की देर रात 37 करोड़ नौ लाख रुपये मांगे गए हैं। सरकार ने भी आश्वस्त किया है कि किसानों के लिए यह मदद जिला प्रशासन को जल्द ही मिल जाएगी।
50 फीसदी और उससे अधिक फसल के बरबाद होने पर केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। इसीलिए पहले फेज में यह राशि केंद्र से मिली आर्थिक मदद के आधार पर दी जाएगी। तहसीलों में तैनात लेखपालों से कहा है कि वह किसानों के खाते नंबर कंप्यूटर में फीड करा दें ताकि धनराशि मिलने पर उसे हस्तांतरित करा दिया जाए।
25 से 49 फीसदी तक बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदेश सरकार देगी। इसका सर्वे भी बुधवार तक पूरा करके शासन को भेज दिया जाएगा। संभावना व्यक्त की जा रही है, इनके लिए भी अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक धनराशि मिल जाएगी।