शेरगढ़। खेतों का कटान करती किच्छा नदी
शेरगढ़/मीरगंज। किच्छा नदी में आई बाढ़ से 500 बीघा में ज्वार, बाजरा और गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। पानी के तेज बहाव के चलते खेतों के कटान की आशंका बढ़ गई है। वहीं, मीरगंज में नदियों में पानी बढ़ने से कुछ गांवों में कटान शुरू हो गया है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हंै। किच्छा नदी किनारे बसे गांव नगरिया कलां, लखीमपुर, कमालपुर, धर्मपुरा, बैरमनगर, रजपुरा आदि गांवों के किसानों ने बताया कि लगातार बारिश से किच्छा नदी के उफनाने से 500 बीघा में लगे ज्वार, बाजरा, गन्ना की फसल और पशुओं के लिए लगाई गई चारा जलमग्न हो गई है।
उनकी कुछ भूमि नदी में समा गई है। खेतों के कटान को लेकर किसान परेशान हैं। किसानों ने बताया कि हैनगरिया कला में सांसद निधि से बनी श्मशान भूमि पर भी बाढ़ का पानी आ गया है। किसानों ने बताया कि नदी की वजह से कुछ खेतों में कटान भी हुआ है। तहसीलदार भानु प्रताप ने बताया कि कि किच्छा नदी में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। हालात काबू में है। राजस्व निरीक्षकों को बकायदा बाढ़ चौकी बनाकर तैनात किया गया है। बाढ़ से निपटने केइंतजाम किए गए हैं। मीरगंज में भी नदियों में बढ़ा जलस्तर : मीरगंज तहसील क्षेत्र आधा दर्जन से अधिक नदियों से घिरा हुआ है। पिछले चार दिन से पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते नदियों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है।
तहसील क्षेत्र में रामगंगा, दिजोड़ा समेत कई नदियां बह रही हं।ै सभी नदियों में तेजी से जल स्तर बढ़ रहा है। बहगुल नदी में पानी बढ़ने से धर्मपुरा, बैरमनगर, सुल्तानपुर, दुनका,बफरी अब्दुलनबीपुर आदि गांवों की जमीन पर कटान शुरू हो गया है। इससे किसानों की खड़ी धान, गन्ना आदि की फसलें नदी में समा रही हैं। वहीं, रामगंगा नदी से कपूरपुर, अंबरपुर, मोहम्मद गंज ,गोरा हेमराजपुर आदि गांवों में कटान हो रहा है। तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 14 बाढ़ चौकियां बनाई गई है। तहसील परिसर में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। संवाद
शेरगढ़। खेतों का कटान करती किच्छा नदी