किराना सामग्री के साथ परंपरानुसार पूजन सामग्री की जमकर बिक्री हुई। कतार देखते हुए विक्रेताओं ने भी कीमतें बढ़ा दीं। दस रुपये में पान के सात पत्तों के बजाय पांच दिए। 60-70 रुपये प्रतिकिलो खील, खिलौने, बताशा 80-90 रुपये बिका। 50 रुपये की झाडू 80-90 रुपये में बिकी।
डेढ़ गुना बढ़ गए शरीफा के दाम, सेब भी सौ के पार
दिवाली पर परंपरानुसार फल शरीफा का पूजन होता है। इसे सीताफल भी कहते हैं। मान्यता है कि शरीफा फल मां लक्ष्मी को प्रिय है। लिहाजा, इसके पूजन के दौरान शरीफ का प्रयोग मंगलकारी माना जाता है। सामान्य दिनों में 50-60 रुपये प्रति किलो बिकने वाला शरीफा बुधवार को 90 से 110 रुपये पर बिका। 70-80 रुपये प्रति किलो बिक रहा सेब भी सौ, 120 रुपये बिका।
आतिशबाजी का बाजार पहुंचा दस करोड़ के पार
शहर के आठ स्थान समेत जिले के 48 स्थानों पर सजे अस्थायी पटाखा बाजार में बुधवार को खासी रौनक रही। सुबह से देर शाम तक खरीदारी के लिए लोग पहुंचते रहे। बरेली पटाखा संगठन के अध्यक्ष कृष्णदेव सूद के मुताबिक दो दिन में ही करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार का अनुमान है। बृहस्पतिवार को भी पटाखा बाजार जोरों पर होगा।
फूल कारोबारियों के चेहरे खिले
दिवाली पर फूल-पत्तियों से घर सजाने की चाहत से फूल कारोबारियों के चेहरे खिले। मांग को देखते हुए कोलकाता और दिल्ली से भी गेंदा और गुलाब मंगा लिए गए थे। बुधवार को फूलों की खरीदारी का दौर जारी रहा। बृहस्पतिवार को भी फूलों की बिक्री अलग-अलग बाजारों में रहेगी।
शहर में कुतुबखाना, श्यामगंज, बिहारीपुर के पास चौपुला रोड, पीलीभीत रोड, संजय नगर व छोटी बिहार आदि स्थानों पर दिवाली के लिए फूल-पत्तियों की खरीदारी के लिए लोग पहुंचते रहे। फूल व्यापारी नंद किशोर के मुताबिक दिवाली पर फूल-पत्तियों से घर सजाना शुभ माना जाता है। मंदिर समेत घरों में पूजन के दौरान भी फूल चढ़ाए जाते हैं।
बताया कि सामान्य दिनों में 40-80 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गेंदा बुधवार को 70-120 किलो बिका। क्रमश: गुलाब 100-130 से 150-200 रुपये, कमल प्रति पीस 35-50 से 50-70 रुपये, पत्तियां 40-70 से 60-90 रुपये किलो बिकीं। गेंदा की माला 20 रुपये, गुलाब की 50 रुपये से शुरू रही।