बहेड़ी। अवैध खनन करते पकड़ी गई पोकलेन मशीन को थाने लाने के बाद भी बगैर कार्रवाई छोड़ने के मामले में इंस्पेक्टर ने अपने बड़े साहब को भी गच्चा दे गए। साफ कह दिया कि मशीनें तो थाने लाई ही नहीं गईं, उन्हें वहीं भट्ठे से लदवाकर चौकी में खड़ा करवाया गया था। हालांकि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर इंस्पेक्टर फंसते दिख रहे हैं। सीओ ने उनसे पूरे मामले की आख्या मांगी है।
मंगलवार सुबह नरायननगला चौकी से डेढ़ किमी दूर भट्ठे पर खड़ी पोकलेन मशीन को ट्रक में लादकर माफिया लेकर जा रहा था। लोगों की शिकायत पर चौकी पुलिस ने ट्रक को पकड़कर थाने लाकर खड़ा करा दिया था। मामला इंस्पेक्टर के पास पहुंचा तो दिन भर ट्रक पर लदी पोकलेन मशीन को छोड़ने के लिए माथापच्ची होती रही। शाम को जब लगा कि यह मुमकिन नहीं हो पाएगा तो उसे वापस उसी भट्ठे पर भेज दिया गया। बाद में सभी मशीनें चौकी के पास खड़ी करा दी गईं। ट्रक और उसके ड्राइवर को भी छोड़ दिया गया।
इस सारे घटनाक्रम के बाद इंस्पेक्टर इस बात से ही मुकर गए कि पोकलेन मशीन थाने लाई गई थी और वहीं ट्रक पर लादकर चौकी पर खड़ी कराई गई है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद अधिकारियों के कान खडे़ हुए। फरीदपुर में तैनात इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने भी फोन कर अधिकारियों को मामला बता दिया। इसके बाद इंस्पेक्टर उच्चाधिकारियों को भी गुमराह करते रहे। मंगलवार रात ही छोड़े गए ट्रक चालक का नाम-पता पुलिस ने यह कहकर ले ले लिया था कि अगर उसकी कलम फंसी तो उसे थाने आना होगा।
पोकलेन मशीन सीज थी तो कैसे भट्ठे से उठकर ट्रक में लदकर बहेड़ी थाने तक पहुंच गईं। अगर उन्हें भट्ठे से उठवाकर चौकी पर खड़ा कराना था तो इंस्पेक्टर ने मुझे यह जानकारी क्यों नहीं दी। यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में भी है। इंस्पेक्टर बहेड़ी से इस बाबत आख्या मांगी गई है। - आलोक अग्रहरि, सीओ बहेड़ी