बरेली। शहर में केएफसी में इस्तेमाल किए जाने वाले पाम आयल और आइस्क्रीम के नमूने तय मानकों के हिसाब से न मिलने पर एडीएम (सिटी) आलोक कुमार ने पांच लाख का जुर्माना ठोक दिया है। जिसमें से ढाई लाख का जुर्माना आइस्क्रीम के अधोमानक पाए जाने पर ठोका गया है। ठीक इतनी ही राशि का जुर्माना पाम आयल के अधोमानक पाए जाने पर लगाया गया है। लेबोरेटरी की रिपोर्ट में रिजेंसिटी मानक के विपरीत पाई गई है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने पिछले साल फरवरी के महीने में केएफसी के यहां छापा मारकर आइस्क्रीम और पाम आयल के नमूने लिए थे। इन दोनों नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। वहां से इनकी रिपोर्ट अधोमानक घोषित की गई। इस रिपोर्ट के आधार पर एडीएम (सिटी) के न्यायालय में वाद दायर हुआ। जिसमें दोनों पक्षों को सुना। इस दौरान केएफसी की ओर से कहा गया कि वह इन दोनों खाद्य पदार्थों को दूसरी फर्मों से खरीदते हैं, इसीलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। एडीएम (सिटी) ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि छापे के दौरान जिस प्रतिष्ठान से माल मिलता है उसी पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यहां पर केएफसी से मिला सामान अधोमानक पाया गया, इसीलिए इसी प्रतिष्ठान पर जुर्माने की राशि को वसूलने के आदेश जारी किए हैं। केएफसी के इस तर्क की सुनवाई के चलते एडीएम (सिटी) को यह आदेश को एक महीने तक के लिए होल्ड करना पड़ा था।