फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जुलूस में लहराए तमंचे, फायर कर दहशत फैलाई

विज्ञापन
जुलूस में लहराए तमंचे, फायर कर दहशत फैलाई - फोटो : अमर उजाला, बरेली
विज्ञापन
बरेली। सोमवार को नाथ नगरी में कांवड़ियों का खासा हुजूम उमड़ा था। इसमें भोले के भक्तों के बीच कुछ खुराफाती भी घुस गए। इनमें से एक संगठन के झंडे लगी बाइकों पर बैठे लड़कों ने तमंचे लहराए तो फायर भी किया। सीओ टू ने इस मामले में किला थाने में रिपोर्ट के आदेश दिए हैं। शहर में कई अन्य स्थानों पर तलवारें और डंडे लहराए गए।
विज्ञापन

नाथ नगरी की परिक्रमा और जलाभिषेक को लेकर संगठनों में होड़ लगी रही। कई मामलों में शक्ति प्रदर्शन जैसे हालात थे जिससे एकदूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही थी। इनमें से एक संगठन के कार्यकर्ताओं का जोश सिर चढ़कर बोल रहा था। बाइकों पर भोले के नारे लगाते निकले इन लोगों में से अधिकांश के हाथ में डंडे और तलवारें थीं। इनमें एक बाइक पर बैठे युवकों ने तमंचे निकालकर प्रदर्शन किया। एक ने तमंचे को ऊपर करके हवाई फायर किया। फिर तमंचा अंदर रख लिया। तलवारें और डंडे बराबर लहराते रहे। फायरिंग से एकबारगी लोग चौंके भी पर पटाखों की आवाज समझकर खामोश हो गए। जिन्होंने तमंचा लहराते और फायर करते देखा, वे सहम गए। इसका कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसमें चौपुला से दिल्ली रोड का नजारा दिख रहा है। देर रात ये वीडियो अफसरों के पास पहुंच गया। सीओ टू सीमा यादव ने बताया कि इस मामले में किला थाने में रिपोर्ट कराई जा रही है। झंडे पर एक संगठन का नाम साफ नजर आ रहा है। इसी संगठन के लोगों को पकड़कर सही आरोपी तलाशा जाएगा।

पंकज के परिवार को किया नजरबंद
शिवसेना के कथित जिला प्रभारी पंकज पाठक व तीन अन्य शिवसैनिकों को तीन दिन पहले जेल भेज दिया गया। सुभाष नगर पुलिस ने बताया था कि ये लोग अनुमति रद्द होने के बाद भी जुलूस निकालना चाहते थे, जिससे शांतिभंग की आशंका थी। सोमवार को पंकज के परिवार के लोगों ने पंकज की जान को खतरा बताकर अफसरों को ज्ञापन देने का निर्णय लिया था। इसकी जानकारी होते ही सुभाष नगर पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें नजरबंद कर दिया। बाद में इंस्पेक्टर सुभाष नगर हरिश्चंद्र जोशी ने घर जाकर पंकज के परिवार से मुलाकात की। कहा कि आज कोई अधिकारी नहीं मिलेगा, आप लोग मंगलवार को मिल लीजिए। इसके बाद घर के बाहर से पुलिस हटा ली गई। मंगलवार को परिवार अफसरों से मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें