बरेली। प्रशासन का आदेश सावन के दूसरे सोमवार से एक दिन पहले बेअसर दिखा। बदायूं के कछला घाट से गंगाजल लेने जा रहे कांवड़ियों की भीड़ के बीच तलवारें लहराती दिखीं। जत्थों में शामिल कुछ कांवड़िया त्रिशूल व हॉकी लेकर चलते दिखे। कांवड़ियों की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी सब कुछ चुपचाप देखते रहे। कांवड़यात्रा के दौरान शहर में कई जगह जाम भी लगा।
कांवड़यात्रा के दौरान असलहों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध है। पुलिस के आला अफसरों की ओर से कांवड़ियों द्वारा असलहों के प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश भी जारी किया गया था। शांति समिति समेत तमाम बैठकों में इस पर चर्चा हुई थी। जत्थेदारों से इस संबंध में एक शपथ पत्र भी लिया गया था। मगर सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़ निकली तो अफसरों की सारी कवायद धरी रह गई। रविवार दोपहर चौपला से होकर गुजरे कई जत्थों में शामिल कांवड़िया तलवार, त्रिशूल और हाकी लेकर चल रहे थे, जिनका बीच-बीच में प्रदर्शन भी किया जा रहा था। मगर उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं था। हाकियों का प्रदर्शन करके राहगीरों को धमकाने की कोशिश थी। गुरुवार सुबह बीसलपुर रोड पर हुए हादसे के बाद बस के शीशे तोड़ने में हॉकियों का इस्तेमाल किया गया।