बरेली। शासन-प्रशासन ने सावन में कांवड़यात्रा के दौरान मांस-मछली की दुकानें खोलने पर रोक लगा रखी है। मगर गौवंशीय पशुओं का कत्ल करने और मांस तस्करी के मामले नहीं थम रहे हैं। इसको लेकर जिले में कहीं बवाल हो सकता है। इसे लेकर खुफिया विभाग ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया विभाग के कर्मचारियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
रविवार को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के पदारथपुर गांव के जंगल में पुलिस ने दो गोवंशीय पशु और 80 किलो गोमांस पकड़ा था। मौके पर दो तस्कर पदारथपुर का नईम और पड़ोस के गांव भिंडौलिया निवासी भूरा उर्फ इरफान गिरफ्तार हुए थे। मंगलवार को बहेड़ी पुलिस ने शेखूपुर मोहल्ले में छापा मारकर 90 क्विंटल मांस और दो पशु पकड़े। सप्ताह भर पहले बहेड़ी के मंडनपुर गांव के जंगल में तस्करों ने कत्ल करने के इरादे से गन्ने के खेत में दो बछड़े और एक बैल को नशा देने के बाद बांधकर डाल दिया था। बेहोश बंधे मिले पशुओं को देखकर गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था। यानी इन तस्करों को न पुलिस का भय है और न ही माहौल बिगड़ने का डर।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक जिले के कोने-कोने से कावंड़िया जलाभिषेक करने जा आ रहे हैं। कावंड़यात्रा के दौरान रास्ते में गोवंशीय पशुओं का कत्ल करने या मांस पकड़े जाने का मामला सामने आने पर कांवड़ियों का गुस्सा भड़क सकता है, जिससे बड़ा बवाल हो सकता है। खुफिया विभाग ने आला अफसरों को दिए इनपुट में थाना पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है। आसपास जिलों की पुलिस से भी संपर्क करने का निर्देश है।
इन इलाकों में ज्यादा होती है गोकसी
शहर के कैंट, बिथरी चैनपुर, सीबीगंज थाना क्षेत्र और देहात के फरीदपुर, भोजीपुरा, हाफिजगंज, बहेड़ी, फतेहगंज पश्चिमी, शेरगढ़, शीशगढ़, सिरौली, बिशारतगंज, अलीगंज में गोमांस की तस्करी ज्यादा होती है।
बिथरी चैनपुर में कांवड़ियों ने किया था बवाल
तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल में कांवड़यात्रा के दौरान बरेली-बीसलपुर रोड पर बिथरी चैनपुर इलाके में गायों से भरा ट्रक पकड़ा गया था। इसको लेकर भड़के कांवड़ियों ने जमकर बवाल किया था। पुलिस पर भी पथराव किया गया था।