बरेली। सावन के पहले सोमवार पर लाखों की तादाद में नाथ नगरी के सातों नाथ मंदिरों में जलाभिषेक के लिए उमड़ने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पौ फटने के साथ ही मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महाशृंगार का सिलसिला शुरू हो जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर कमेटियों की ओर वालंटियर्स की ‘फौज’ भी निगरानी करेगी। रविवार की देर शाम तक कमेटियों ने तैयारियों को आखिरी रुप दे दिया है।
पिछले साल की ही तरह इस साल भी कांवड़ियों के स्वागत के लिए मंदिरों में खास व्यवस्था की गई है। सातों नाथ मंदिरों में कांवड़ियों के जलाभिषेक के लिए अलग से व्यवस्था रहेगी। उनके लिए रात्रि विश्राम, भंडारा और स्नान की पूरी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मंदिरों में महिला और पुरुषों की अलग-अलग लाइन रहेगी। ये व्यवस्था कुछ मंदिरों में बेरिकेडिंग से की जाएगी तो कहीं बगैर बेरीकेडिंग के ही प्रभावी रहेगी। मंदिरों के अंदर और बाहर पुलिस फोर्स मौजूद रहेगी।
सुरक्षा के लिहाज से पिछले दिनों प्रशासन ने नाथ नगरी के सातों मंदिरों में सीसीटीवी लगाए जाने के निर्देश दिए थे। इसमें से धोपेश्वरनाथ, वनखंडीनाथ, पशुपतिनाथ, त्रिवटीनाथ सीसीटीवी से लैस हो चुके हैं। लेकिन वनखंडीनाथ और मढ़ीनाथ में सीसीटीवी लगाए जाने को लेकर मंदिर के महंत ने असमर्थता जता दी है। उन्होंने बजट कम होने का हवाला देते हुए प्रशासन से मंदिरों में सीसीटीवी इंस्टाल कराए जाने की मांग की है। मढ़ीनाथ के महंत के मुताबिक पूर्व में दो कैमरे गर्भ गृह की ओर लगे थे जो अब खराब हो चुके हैं।
मंदिरों की ओर से की गईं तैयारियां
धोपेश्वर नाथ मंदिर - शिव पूजन के बाद अलसुबह साढ़े तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे। जलाभिषेक की शुरुआत कांवड़ियों से होगी। आचार्य घनश्याम शास्त्री ने बताया कि श्रद्धालुओं को कोई समस्या न होने इसलिए क्रमवार छह घंटे बाद शिव का महाशृंगार किया जाएगा।
अलखनाथ मंदिर - मध्यरात्रि में महंत जलाभिषेक और भस्म शृंगार करेंगे। फिर तड़के ढाई बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोले जाएंगे। कांवड़ियों के लिए रात्रि विश्राम और भंडारा आदि व्यवस्थाएं की गई हैं। महंत कालू गिरि के मुताबिक परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।
मढ़ीनाथ मंदिर - तड़के तीन बजे मुख्य पुजारी जलाभिषेक करेंगे। चार बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खुलेंगेे। यहां कांवड़ियों के जलाभिषेक के लिए अलग व्यवस्था रहेगी। मंदिर के सेवादार के मुताबिक गर्भगृह को फूलों से सजाने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
वनखंडी नाथ मंदिर - अलसुबह तीन बजे मंदिर में जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो जाएगा। महंत कुमार आनंद व मंदिर कमेटी के सेवादार के मुताबिक मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। कांवड़ियों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था है। छह घंटे के अंतराल पर शिव का शृंगार होगा।
तपेश्वरनाथ मंदिर- सुबह चार बजे मुख्य पुजारी की ओर से शिव पूजन के बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के खोल दिए जाएंगे। कांवड़ियों की ओर से मंदिर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की ओर से प्रदोष पूजन समेत अन्य अनुष्ठान भी संपन्न कराए जाएंगे।
त्रिवटीनाथ मंदिर- तड़के साढ़े तीन बजे मंदिर में जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। मंदिर परिसर में ठहरे कांवड़िये सर्वप्रथम बाबा का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद श्रद्धालु दर्शन करेंगे। पुजारी मनोज मिश्रा ने दर्शन पूजन के लिए मंदिर प्रबंध कमेटी द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पशुपतिनाथ मंदिर- पीलीभीत बाईपास रोड किनारे स्थित पशुपतिनाथ मंदिर का पट सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। मंदिर के पिछले रास्ते से कांवड़ियों को मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। मुख्य मार्ग पर महिला पुरुष की अलग-अलग पंक्तियां रहेंगी।