शाही इलाके के बुझिया जागीर गांव में कांवड़ियों के रास्ते को लेकर जमकर बवाल हुआ। शुक्रवार शाम बुझिया जागीर के कांवड़िया गंगाजल लेने को ट्रैक्टर-ट्राली में हरिद्वार जा रह थे। उन्हें इकट्ठे जाते देख दूसरे पक्ष के लोग नई परंपरा बताकर हंगामा करने लगे और कांवड़ियों को आगे जाने से रोक दिया। इस पर गुस्साएं कांवड़िया रास्ते में धरने पर बैठ गए और जयकारे लगाकर हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर पहुंची शाही थाना पुलिस ने समझाने काफी समझाने की कोशिश की। इस पर बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठी फटकार कर भीड़ को दौड़ा दिया। देर रात तक एसडीएम और सीओ पुलिस, पीएसी के साथ बुझिया में डेरा जमाए रहे।
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे बुझिया जागीर स्थित शिव मंदिर से 22 कांवड़ियों का जत्था हरिद्वार जाने के लिए रवाना हुआ। गांव से बाहर आने-जाने का एक ही मुख्य रास्ता है, जो मस्जिद के सामने से गुजरता है। कांवड़ियों को इकट्ठे जाते देख दूसरे समुदाय के अनवार हुसैन, अब्दुल कदीर, अयूब हसन समेत तमाम लोग इकट्ठे होकर विरोध करने लगे। उनका कहना था कि इससे पहले गांव से कांवड़िया दो-दो, चार-चार करके जाते थे। इकट्ठे होकर ट्रैक्टर-ट्राली में जाने की यह नई परंपरा है। उन्होंने मस्जिद के सामने से होकर निकल रहे कांवड़ियों को रोक दिया। दूसरे समुदाय के लोगों को सामने विरोध करते देख कांवड़िया गांव में ही रास्ते पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए।
इसकी सूचना मिलने के बाद शाम करीब सात बजे शाही थाने के एसओ हरचरन सिंह यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने काफी देर तक कांवड़ियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे दूसरे रास्ते से होकर जाने का तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि यह गांव का मुख्य रास्ता है। इस तरह तो हमारी बारातें भी नहीं निकलने दी जाएंगी। कांवड़िया उसी रास्ते पर जाने की जिद पर अड़े थे। बातचीत के दौरान किसी सिपाही ने कांवड़ियों पर डंडा चला दिया, जिससे भगदड़ मच गई। फिर पुलिस ने लाठियां फटकार कर सबको दौड़ा दिया। पुलिस वाले कांवड़ियों का ट्रैक्टर-ट्राली कब्जे में लेकर थाने ले जाने लगे। यह देखकर गांव की महिलाएं इकट्ठी होकर ट्रैक्टर के आगे धरने पर बैठ गईं और पुलिस को रोक दिया। फिर कुछ ही देर में कांवड़िया और गांव के तमाम लोग दुबारा इकट्ठे होकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। फिर इसकी सूचना अफसरों को दी गई तो कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। कांवड़ियों के जत्थे में महंत उमेश गंगवार, बाबूराम राजपूत, संतोष गंगवार का कहना थ कि हर साल इसी रूट से कांवड़िया आते-जाते रहे हैं। फिर इस बार क्यों ऐतराज उठाया जा रहा है। गांव के दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अड़े थे। रात करीब नौ बजे मीरगंज एसडीएम आरएन पांडेय और सीओ ग्रीस प्रसाद मौके पर पहुंच गए। इस बीच मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी समेत कई थानों की पुलिस पहुंच चुकी थी। अफसरों के निर्देश पर पुलिस ने दुबारा लाठियां फटकार कर धरने पर बैठे कांवड़ियों को खदेड़ दिया। आरोप है कि महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई। पुलिस की डर की वजह से अंधेरे में कांवड़िया इधर-उधर भाग गए। जिनकी तलाश में देर रात तक पुलिस जुटी रही। पुलिस ने कांवड़ियों के ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में ले लिया। उधर, पुलिस का सख्त रुख देखकर दूसरे पक्ष के लोग अपने घरों को चले गए। एसडीएम और सीओ पुलिस व पीएसी के साथ देर रात तक बुझिया जागीर गांव में डेरा जमाए रहे। देर रात एडीएम मनोज कुमार और एसपी देहात यमुना प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए और अंधेरे में लापता हुए कांवड़ियों की तलाश जारी थी।
कांवड़ियों को रोकने का पता लगने पर जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेत्री ममता गंगवार अपने समर्थकों के संग रात में ही बुझिया जागीर पहुंच गईं। उन्होंने कांवड़ियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते शिव मंदिर पर धरना शुरू कर दिया।
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वहां कांवड़िया इकट्ठे होकर जा रहे थे, जिन्हें दूसरे पक्ष के लोगों ने रोक दिया। एसडीएम और सीओ ने मौके पर जाकर मामला शांत कराकर कांवड़ियों को निकलवा दिया। - आरके भारद्वाज, एसएसपी