सार्वजनिक बैंकों में हड़ताल के चलते शुक्रवार को पूरी तरह काम काज ठप रहा। इससे करीब पौने तीन अरब रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। हालांकि कुछ निजी बैंक खुले रहे। इस दौरान आंदोलनकारियों से झड़पें भी हुईं।
सुबह बारिश होने के बावजूद आंदोलनकारी बैंक कर्मी एसबीआई मुख्य शाखा परिसर में एकत्र हुए। यूनाईटेड फोरम के बैनर तले सभी कर्मचारी संगठन नेताओं ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। फोरम संयोजक सुनील मित्तल, अध्यक्ष दिनेश सक्सेना ने कहा कि विजय माल्या जैसे कारोबारी हजाराें करोड़ रुपये का कर्जा लेकर विदेश भाग जाते हैं। इन पर सरकार कार्रवाई नहीं कर पा रही है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार पांच बैंकाें को एसबीआई में विलय करना चाहती है। यह पिछले दरवाजे से निजीकरण की साजिश है। इसे किसी भी हाल में पूरा नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर पंकज शर्मा, ओपी वढेरा, चरण सिंह यादव, आरबी खन्ना, सोमप्रकाश, मलिक सिंह कालरा, विनीत सक्सेना, राजेंद्र शर्मा ने विचार रखे।
दिनभर परेशान हुए ग्राहक
हड़ताल से जिले भर में करीब तीन अरब रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ है। रामपुरबाग स्थित यूनियन बैंक में कुछ अधिकारियों ने काम शुरू करा दिया, इस पर आंदोलनकारियों से नोकझोंक हो गई। एसबीआई में चीफ मैनेजर और इससे ऊपर के अफसराें पर आंदोलन में भाग नहीं लेने के निर्देश थे, एसबीआई मंडल कार्यालय पर कामकाज सामान्य तौर से होता रहा। इसके बावजूद मेन ब्रांच के मुख्य प्रबंधक सुनील शर्मा हड़ताल में शामिल रहे। सिविल लाइंस स्थित एक्सिस बैंक खुला रहा। आईसीआईसीआई व अन्य निजी बैंक नहीं खुले।