तीन दिन बालटाल में फंसने के बाद सेना की मदद से बमुश्किल बाहर निकले बरेली के अमरनाथ यात्रियों का दल ने महबूबा सरकार और वहां के पुलिस प्रशासन के रवैये से बेहद खफा है। यात्रियों का कहना है कि अमरनाथ यात्रियों की जम्मू कश्मीर प्रशासन कोई मदद नहीं कर रहा है बल्कि उनसे बदसलूकी की जा रही है। वहां के अफसर कहते हैं कि आप अमरनाथ यात्रा करने क्यों आते हो। टैक्सी चालक आठ से दस गुना किराया वसूल रहे हैं।
बरेली से 42 यात्रियों का दल पांच जुलाई को प्रमोद मिश्रा, पं. हरिओम गौतम, मनोज उपाध्याय, झाझनलाल मौर्य, आरडी रघुवंशी और तारावती की अगुवाई में अमरनाथ यात्रा पर निकला था। नौ जुलाई को बर्फानी बाबा के दर्शन करने के बाद यात्रियों का दल बालटाल में फंस गया। अधिकांश यात्रियों को खुले मैदान में रात बितानी पड़ी। प्रतिनिधिमंडल की मानें तो अमरनाथ यात्रियों को सुरक्षा मुहैया कराने में महबूबा सरकार फेल साबित हुई है। प्रशासन यात्रियों पर लाठी चार्ज करता रहा। लंगर वाली संस्थाओं और भारतीय सेना की मदद से वह किसी तरह तीन दिन फंसे रहने के बाद बचकर जम्मू तक पहुंचे। इसके बाद ट्रेन से बरेली लौटे। यात्रियों ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन को फोन पर हालात की जानकारी दी। प्रमोद मिश्रा का कहना था कि पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने सेना के अधिकारियों के मोबाइल नंबर देकर उनकी काफी मदद की। असुरक्षा के मद्देनजर भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप जम्मू से ही वापस लौट आये।
राजेंद्र गुप्ता ने किया यात्रियों का स्वागत
अमरनाथ यात्रा से लौटे प्रतिनिधि मंडल का उद्योग व्यापार मंडल की ओर से व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता ने फूल मालाओं से स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कश्मीर घाटी के बिगड़े हालात में व्यापारियों के जज्बे की प्रशंसा करते हुए कहा कि बर्फानी बाबा के सच्चे भक्तों को उनके दर्शन करने से कोई ताकत नहीं रोक सकती। राजेंद्र गुप्ता ने नरेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में सौ शिव भक्तों के प्रतिनिधि मंडल को अमरनाथ यात्रा पर रवाना भी किया। इनको अंगवस्त्र और खाद्य सामग्री भेंट की गई। यात्रा प्रतिनिधि मंडल में कृपाशंकर, विक्की श्रीवास्तव, मोनू, चंदन गिरी, प्रेम नारंग, प्रवीन, सुरेंद्र, अमर सिंह राठौर आदि थे। स्वागत करने वालों में जुगल सुखानी, बबलू कनौजिया, संजय सिंह, कासिफ खान, रामकिशोर, सीबी विवरल, शिवम, तोताराम, राजेश जसोरिया, संजीव गुप्ता, सुशील गुप्ता आदि शामिल थे।