Just scan the QR code and leave for the journey
यूटीएस एप को किया अपग्रेड, अब स्टेशन पर ही निकाला जा सकेगा अनारक्षित टिकट
रेलवे ने ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों पर चस्पा किए क्यूआर कोड
बरेली। अपने यूटीएस एप को मामूली तौर पर अपग्रेड करके पूर्वोत्तर रेलवे ने जनरल बोगी में यात्रा करने वालों के लिए टिकट हासिल करने की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। किसी भी ट्रेन का टिकट हासिल करने के लिए यात्रियों को अब स्टेशन पर ही ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन यानी एटीवीएम पर चस्पा क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा और इसके बाद मिनटों की प्रक्रिया में उन्हें टिकट हासिल हो जाएगा।
अनारक्षित टिकट के लिए रेलवे स्टेशन की विंडो पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करके टिकट लेने की प्रक्रिया आसान करने के लिए रेलवे काफी समय से लगातार कोशिश कर रहा है। 2018 में यात्रियों को यूटीएस एप का विकल्प दिया गया था लेकिन अब तक रेलवे स्टेशन और उसके 50 मीटर के दायरे में यह एप काम नहीं करता था लिहाजा उसके जरिये टिकट निकालने के लिए यात्रियों के लिए या तो टिकट विंडो की लंबी कतार में लगने का विकल्प बचता था या फिर स्टेशन से निकलकर बाहर जाने का। इस वजह से उन यात्रियों की दिक्कत बढ़ जाती थी जो भारीभरकम सामान के साथ यात्रा के लिए स्टेशन पहुंच चुके होते थे।
पूर्वोत्तर रेलवे ने यूटीएस में मामूली अपग्रेडेशन कर यह दिक्कत भी आसान कर दी है। स्टेशनों पर मौजूद एटीवीएम पर क्रिस निर्मित क्यूआर कोड चस्पा कर दिए हैं जिन्हें मोबाइल में पहले से रजिस्टर्ड यूटीएस एप के जरिये स्कैन करने के बाद क्यूआर बुकिंग का ऑप्शन चुनना भर होगा। इसके बाद जर्नी वाई क्यूआर और प्लेटफार्म वाई क्यू केऑप्शन दिखने लगेंगे। आप अपनी जरूरत के मुताबिक ऑप्शन चुन सकते हैं। अपनी यात्रा का स्टेशन का नाम लिखते ही आपका टिकट बन जाएगा। ख्याल सिर्फ इतना रखना होगा कि इस सुविधा का प्रयोग करने से पहले मोबाइल की जीपीएस लोकेशन ऑन करना जरूरी है। सीनियर डीसीएम नीतू ने बताया कि क्यूआर कोड की सुविधा मंडल के 27 स्टेशनों पर उपलब्ध करा दी गई है। अब पूर्वोत्तर रेलवे का इज्जतनगर मंडल क्यूआर कोड सुविधा को लांच करने वाला पहला मंडल बन गया है।
हर स्टेशन का क्यूआर कोड अलग
हर जंक्शन और स्टेशन का क्यूआर कोड अलग होगा। इस सुविधा को प्रचारित करने को जल्द ही स्टेशनों पर पोस्टर भी लगाए जाएंगे। इन क्यूआर कोड की खासियत यह है कि स्कैन होने के बाद इंटरनेट की हल्की स्पीड में भी टिकट आसानी से बुक हो जाएगा। अगर यात्री यूटीएस के आर-वॉलेट से भुगतान करता है तो उसे पांच फीसदी बोनस भी मिलेगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे, इज्जतनगर मंडल