जोगीनवादा में नगर निगम के तालाब पर कब्जा कर बनाई गई दुकानों को बचाने के लिए शनिवार को पंचदशनाम जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरी भी कूद पड़े। कोर्ट का स्टे लेकर जोगीनवादा पहुंचे हरि गिरी ने कहा कि नगर निगम हमें कमजोर न समझे। कार्रवाई के लिए नगर निगम पहले नोटिस देता, हमारा पक्ष सुनता फिर कार्रवाई करता। इसके बाद कार्रवाई को मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम बैरंग लौट गई। तालाब पर अवैध कब्जा हटाने के लिए 27 जनवरी की शाम पांच बजे तक का समय दिया गया था। मगर इसे बचाने की तैयारी शनिवार सुबह से ही शुरू हो गई थी। अवैध निर्माण के चारों ओर पंचदशनाम जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरी और वनखंडीनाथ मंदिर के महंत कुमारानंद के बोर्ड लगा दिए गए थे। शाम पांच बजे नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर जोगीनवादा पहुंची, मगर हरि गिरी वहां क्षेत्र के लोगों के साथ पहले से ही मौजूद थे। ढोल-नगाड़ों के साथ उन्होंने परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में कोर्ट से स्टे मिल गया है। इसके बाद नगर निगम की टीम कुछ देर वहां इंतजार करके वापस लौट गई जबकि नगर निगम का एक दस्ता फोर्स के इंतजार में थाना बारादरी में जुटा रहा। बता दें कि जोगीनवादा में नगर निगम के तालाब गाटा संख्या 663 और 664 की जमीन पर कब्जा करके दुकानें व अन्य निर्माण कर लिया गया है। इसे हटाने के लिए 25 जनवरी को नगर निगम की टीम पहुंची थी और 27 जनवरी की शाम पांच बजे तक का समय देकर लौट आई थी।
बदलते रहे आदेश
तालाब पर कब्जा हटाने के लिए नगर निगम ने 27 जनवरी की शाम पांच बजे तक की मोहलत दी थी। इसके बाद अपर नगर आयुक्त ने रविवार को सुबह दस बजे निर्माण ध्वस्त करने के आदेश जारी किए। मगर इसके बाद टीम शनिवार शाम को ही निर्माण ध्वस्त करने पहुंच गई।
लोगों ने स्वयं हटाए कब्जे
नगर निगम की कार्रवाई को लेकर अतिक्रमणकारियों में शनिवार को खौफ नजर आया। अवैध दुकानों में रखा सामान लोगों ने स्वयं ही हटा लिया। इसके अलावा रामलीला ग्राउंड की जमीन पर रखे अवैध खोखा और रेता-बजरी भी लोगों ने स्वयं ही हटा लिया।
मंदिर का निर्माण तोड़ने पर कोर्ट से स्टे
इस मामले में शनिवार को पंचदशनाम जूना अखाड़ा की ओर से नगर निगम के विरुद्ध सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में वाद दायर किया गया। इसमें कहा गया, ‘जोगीनवादा में भगवान शिवजी महाराज वनखंडीनाथ मंदिर है। मंदिर के निर्माण एवं तालाब इत्यादि प्राचीन काल से ही मंदिर के कब्जे एवं स्वामित्व में चले आ रहे हैं तथा श्रद्धालु अपने धार्मिक कृत्य संपादित करते हैं। प्रतिवादी बिना किसी विधिक प्रक्रिया को अपनाए बिना कोई नोटिस दिए प्राचीनकाल से चले आ रहे मंदिर के निर्माण को तोड़ना चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें धमकी दे रहे हैं और तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वादी की प्रार्थना है कि प्राचीन काल से चले आ रहे मंदिर के निर्माण को ताड़ने से रोका जाए।’ इसके जवाब में नगर निम के अधिवक्ता ने मौखिक रूप से कहा कि नगर निगम द्वारा मंदिर के तोड़ने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर कोर्ट ने अगली नियत तिथि दो फरवरी तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी कर दिए।
शिवगंगा प्राचीन समय से चली आ रही है। हमारी पीढ़ियां यहां निवास करती रही हैं। नगर निगम कार्रवाई से पहल नोटिस देकर हमें बेदखल करते। गिरधारी लाल से कोई लेना-देना नहीं है। प्रशासन हमें कमजोर न समझे। हमें विवाद नहीं करना है, वरना रात भर में दो हजार महात्मा यहां उतार देता। हरि गिरी, राष्ट्रीय महामंत्री, जूना अखाड़ा