पांच साल पहले हॉकी खेलने की शुरुआत करने वाली शाहजहांपुर की महजबीं के लिए यह खेल अब जुनून बन चुका है। इसी जुनून ने उसे दो बार नेशनल प्रतियोगिता तक पहुंचाया। अब महजबीं को राष्ट्रीय टीम में जाने के रास्ते की तलाश है। घास का मैदान उसे इसकी तैयारी में रोड़ा बनता नजर आया तो उसने एस्ट्रोटर्फ पर खेलने के लिए अपना शहर छोड़ दिया। अब वह बरेली में रहकर एस्ट्रोटर्फ पर प्रैक्टिस करेगी। शनिवार को उसने स्टेडियम आकर हॉकी कोच से मदद मांगी।
शाहजहांपुर के एक कॉलेज में पढ़ने वाली महजबीं 2014 में भोपाल और 2017 में रोहतक में नेशनल खेल चुकी है। यूनिवर्सिटी और कॉलेज लेवल की कई प्रतियोगिता में मेडल जीत चुकी है। शाहजहांपुर के हथौड़ा गांव की रहने वाली महजबीं के पिता जाबिर हुसैन और मां यासमीन के साथ उसके भाई भी चाहते थे कि वह अच्छी हॉकी खिलाड़ी बने। शाहजहांपुर के स्टेडियम में उसकी तैयारी नहीं हो पा रही थी। इसलिए उसने बरेली आने का फैसला लिया। हालांकि पहले तो घर के लोग इसके लिए तैयार नहीं हुए। महजबीं ने घरवालों को यकीन दिलाया कि बरेली में एस्ट्रोटर्फ पर वह अच्छी तैयारी कर सकती है। आखिरकार घर वालों ने अनुमति दे दी और शनिवार को वह बरेली पहुंच गई। हॉकी कोच मुजाहिद हुसैन ने बताया कि महजबीं की तैयारी में वह पूरा सहयोग करेंगे। वह अच्छी खिलाड़ी है। वह टीम में गोल कीपर की भूमिका निभाती है और उसका प्रदर्शन भी शानदार रहा है।