उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया और उनके मोबाइल नंबर पर कॉल भी की। इसी दौरान कर्मचारी अनीता भी उनके आवास पर पहुंची। कोई आहट न होने पर उन्होंने नजदीक में रह रहे दूसरे जजों को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा में लगे
गार्डों को बुलाया गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई और बाहर से दरवाजा तोड़ा गया। जहां एक कमरे में उनका शव पंखे पर रस्सी के फंदे से लटका मिला।
कमरे से मिला सुसाइड नोट
पुलिस का कहना है कि उनके आवास से एक सुसाइड नोट मिला है। इससे हालात आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। इसकी सूचना पर जिला जज पंकज अग्रवाल, डीएम मनोज कुमार, एसएसपी आलोक प्रियदर्शी समेत कई अधिकारी और जज पहुंच गए। शाम करीब साढ़े पांच बजे ज्योत्सना के पिता अशोक कुमार राय अपनी पत्नी के साथ आवास पहुंचे। देर शाम तक उनके भाई और परिवार के अन्य लोगों का इंतजार होता रहा लेकिन तब तक महिला जज का शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे पुलिस को सूचना मिली कि जज ज्योत्सना राय अपने आवास का अंदर से दरवाजा नहीं खोल रही हैं और न ही वह न्यायलय पहुंचीं हैं। उनके अधिकारियों ने उन्हें कई बार कॉल भी की। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने धक्का देकर दरवाजा खोला था। अंदर बेडरूम के बराबर वाले कमरे में उनका शव पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। उनके कमरे से कुछ अभिलेख मिले हैं। सभी तथ्यों पर जांच की जा रही है। इसमें जो सच्चाई होगी। उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।