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ऐसा जोनल प्लान जनता के किस काम का

Sun, 11 Jan 2015 08:29 PM IST
बरेली
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सरकारी ढर्रे पर एक महीने के काम में किस तरह चार साल लग जाते हैं इसकी एक बानगी यहां देखी जा सकती है। 2021 के मास्टर प्लान के संदर्भ में छह जोन का प्लान बनाने का काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। बीडीए की ढिलाई से नगर एवं ग्राम्य नियोजन विभाग चार साल में केवल एक जोन (जोन-दो) का प्लान तैयार कर पाया है। उसमें भी अवैध कालोनियों के नियमितीकरण समेत जरूरी चीजें गायब हैं। जोन दो के एक बड़े भू-भाग पर बीडीए ने कालोनियों के मनमाने तरीके से नक्शे स्वीकृत कर रखे हैं। जोन को सुनियोजित तरीके से बसाने की कोई ठोस योजना न होकर केवल कागजी खानापूरी की गई है।
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 2021 के मास्टर प्लान में शहर को छह जोन में बांटा गया है। 2011 में बीडीए को प्रत्येक जोन का जोनल प्लान बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बीडीए ने जोनल प्लान बनाने का काम नगर एवं ग्राम्य नियोजन विभाग को सौंप दिया। संयुक्त नगर नियोजक की टीम चार साल में केवल जोन दो का प्लान बना सकी। वह भी आधा-अधूरा। लखनऊ मार्ग से पीलीभीत बाईपास मार्ग के बीच का एरिया जोन दो में हैं। इस जोेन में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय, महानगर कालोनी, पीएसी दफ्तर, बीडीए से प्रस्तावित रामगंगा नगर आवासीय कालोनी पहले से हैं। इनके अलावा 20 अवैध कालोनियां भी इसी जोन में हैं। ये कालोनियां बीडीए ने अधिकृत या अनाधिकृत तरीके से पहले ही बसा दी हैं। जोनल प्लान में इनके नियमितीकरण का जिक्र नहीं है। इस एरिया में आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक, शासकीय, अर्द्धशासकीय दफ्तर, सामाजिक सेवाएं, मनोरंजन, यातायात परिवहन के जो साधन पहले से मौजूद हैं, वही जोनल प्लान में शामिल किए गए हैं। 2021 के मास्टर प्लान के अनुसार शहर को व्यवस्थित तरीके से बसाने के बीडीए ने प्रयास नहीं किए।

 20 अवैध कालोनियां प्लान से बाहर
पवन विहार, सनराइज इन्क्लेव, खुशबू इन्क्लेव, गणेशपुरम, फाईक इन्क्लेव, संसार इन्क्लेव, पंचशील नगर, आशुतोष सिटी, वैभव नगर, बजरंग इन्क्लेव, बालाजीपुरम, कुसुम सहकारी आवास समिति, वीआईपी इन्क्लेव, ख्वाजा नगर, हिमालय इन्क्लेव, डिफेंस कालोनी, जयंत इन्क्वले, आशियाना बिल्डर्स, मलिक इन्क्लेव आदि अवैध कालोनियों के नियमितीकरण का जोनल प्लान में कोई जिक्र नहीं है।
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क्या है जोनल प्लान
मास्टर प्लान के हिसाब से नगर को सुनियोजित तरीके से विकसित करने के लिए डेवलेपमेंट अथारिटी शहर को जोन में बांटकर प्लान बनाती है। बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर इसी प्लान से जोनवार सड़क, मनोरंजन, पार्क, चिकित्सालय, बिजली आदि सुविधाएं विकसित की जाती हैं।   
 
जोनल प्लान (जोन-दो) के मुख्य बिंदु
1- 2021 तक जोन दो की जनसंख्या 3.55 लाख होने का अनुमान है।
2- जोन दो में 3230.23 हेक्टेयर जमीन है। इनमें 1262.60 हेक्टेयर आवासीय और 726 हेक्टेअर निर्मित क्षेत्र की है। इसमें अधिग्रहीत किए गए 66 गांव भी शामिल हैं।
3- जोनल प्लान के मुताबिक यहां श्रमिकों की संख्या काफी कम है। मास्टर प्लान में 2021 तक यहां 2.84 लाख परिवार होने का अनुमान है।
4- जोनल प्लान में सिर्फ निर्मित क्षेत्र शामिल है। कोई नया प्लान नहीं है।

‘जोनल प्लान बनने में देरी की वजह तो मुझसे पहले के अफसर बता सकते हैं। मेरी तो हाल ही में पोस्टिंग हुई है। जोन दो का प्लान बनाकर बीडीए को भेजा जा चुका है। अब जोन चार का प्लान बनेगा। ’ डीसी गुप्ता, संयुक्त नियोजक नगर एवं ग्राम्य नियोजन विभाग   

‘2011 में जोनल प्लान बनाने का काम नगर नियोजन विभाग को दिया गया। अवैध कालोनियां जोनल प्लान में शामिल नहीं हैं। इनके नियमितीकरण पर शासन में अलग से काम चल रहा है।’ गरिमा यादव, सचिव बीडीए
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