बरेली। जिला पंचायत बोर्ड मीटिंग मखौल बनकर रह गई। बैठक में ज्यादातर अधिकारियों के बजाय उनके अधीनस्थों के आने पर जिला पंचायत सदस्य भड़क उठे और उन्होंने उसने कोई सवाल जवाब करने से मना कर दिया। सदस्यों की नाराजगी को देखते हुए बीएसए, समाज कल्याण अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिए गए। इसके बाद बैठक में कृषि विभाग, पीडब्ल्यूडी सहित कई विभागों में भ्रष्टाचार के मामले भी उछाले गए।
आईएमए हाल में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। मीटिंग शुरू होते ही कई जिला पंचायत सदस्यों ने इस पर नाराजगी जताई कि मीटिंग में अफसर खुद आने के बजाय अपने मातहतों को भेज देते हैं। बैठक में इस बार भी जब बीएसए के बजाय एबीएस, जल निगम के एक्सईएन की जगह एई, समाज कल्याण अधिकारी की जगह सहायक पहुंचा तो सदस्यों ने उनसे कोई सवाल न पूछने की बात कहते हुए वापस भेज दिया। बैठक में अव्यवस्थाएं से नाराज जिला पंचायत सदस्य नीरू सागर बोली कि मीटिंग चल रही है या चिड़ियाघर है। कुछ सदस्यों ने यह मामला उठाया कि सिंचाई मंत्री के जिले में निशुल्क बोरिंग का टारगेट इतना कम है कि एक पंचायत सदस्य के हिस्से में यह भी नहीं आया है कि वह अपने क्षेत्र में एक भी बोरिंग लगा सके। आलमपुर जाफराबाद, नवाबगंज सहित कई क्षेत्रों में पीएमजीएसवाई सड़कों के खस्ताहाल होने और उनकी मरम्मत न होने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निशाने पर लिया। मीटिंग में जिला पंचायत सदस्य आदेश यादव ने कृषि विभाग के भ्रष्टाचार के मामले रखे। इस मौके पर एमएनए उपेंद्र शाक्य, जिला पंचायत सदस्य चमन सिंह, किरन गौरव, सतेंद्र, पुरुषोत्तम सहित कई लोग मौजूद रहे।
इनसेट-
‘फोन भी नहीं उठतीं बीएसए मैडम’
-पंचायत सदस्यों ने बीएसए के रवैये पर नाराजगी जताई कि वह फोन भी नहीं उठाती हैं और बैठक में भी नहीं आती हैं। सदन में यह मांग उठी कि उनका यहां से स्थानांतरण होना चाहिए। तय हुआ इस संबंध में शासन को लिखा जाएगा। इस बाबत बीएसए का पक्ष जानने की कोशिश हुई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
इनसेट-
प्रस्ताव आए 800 करोड़ के, मंजूर हुए सिर्फ 30 करोड़
-बोर्ड मीटिंग में रखने के लिए जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख सहित अन्य प्रतिनिधियों ने करीब 800 करोड़ के प्रस्ताव तैयार किए थे। चूंकि बोर्ड के पास केवल 30 करोड़ रुपये का बजट ही मंजूर है। इसलिए बड़ी संख्या में प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं दी जा सकी है।
प्वाइंटर -
बैठक में सदस्यों ने भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के ये उठाए मामले
-कृषि विभाग ने 14 सौ क्विंटल मोटे धान की ऐसी क्वालिटी का बीज लिया है, जिसकी कोई डिमांड नहीं है।
-किसानों ने जैसे-तैसे धान रोप दिए हैं तो अब कीटनाशक दवाईयां नहीं मिल रहीं।
-सब्सिडी वाले कृषि यंत्रों की खरीद नवाबगंज में सिर्फ एक फर्म के खरीदने का दबाव किसानों पर बनाया जा रहा है।
-बदायूं रोड पर सरदारनगर पुल के पास सड़क की मिट्टी बह रही है। इससे गड्ढा हो गया है। यहां आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं।
-आलमपुर जाफराबाद और मीरगंज में कई फीडर लाइनों की खराबी से बंद पड़े हैं।
वर्जन-
सदन में अनुपस्थित रहने पर बीएसए, समाज कल्याण अधिकारी और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव किया गया है। इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भी लिखा जाएगा। -संजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
वर्जन-
मैंने नौ अगस्त के बाद बोर्ड मीटिंग करने की बात जिला पंचायत के अधिकारियों से कही थी। फिर भी जब बैठक तय थी तो अधिकारियों को मौजूद रहना चाहिए था। अनुपस्थित अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। -सतेंद्र कुमार, सीडीओ