बरेली। अध्यक्ष नीरू पटेल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद सपा खुद ही जिला पंचायत पर काबिज होने की तैयारी में जुट गई है। पंचायत से संबंधित प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। वह तीन कौन होंगे इस पर सभी की नजर है। माना जा रहा है कि सपा अपनेतीन सदस्यों को ही कमेटी में शामिल कराएगी। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सपा नेताओं ने तीनों नाम भी भिजवा दिए हैं। संभव है कि शासन जल्द संचालन समिति का गठन कर दे।
अध्यक्ष के अधिकार सीज होने के बाद जांच में तीन महीने का वक्त लगना माना जा रहा है। अब जिला पंचायत में प्रशासनिक निर्णय को लेकर संकट खड़ा हो गया है। कार्य संचालन और अहम कदम उठाने के लिए अफसरों तथा कर्मचारियों को प्रशासनिक सहमति की आवश्यकता होती है, अध्यक्ष के न होने तक यह कार्य कैसे होंगे, इसका रास्ता भी शासन को ही निकालना है और इसका जरिया सपा के स्थानीय दिग्गज नेताओं ने शासन को बता दिया है। यह तो तय है कि नीरू पटेल अधिकारों की बहाली के लिए कोर्ट की शरण लेंगी लेकिन सपा नेता संचालन कमेटी बनवाने की जुगत में लग गए हैं। अब चूंकि उप चुनाव संभव नहीं है, ऐसे में अगर संचालन कमेटी बनती है तो वह नए अध्यक्ष के कुर्सी पर बैठने तक काम करेगी।
वैसे, सपा के सूत्रों का कहना है कि संचालन कमेटी की रणनीति अध्यक्ष के अधिकार सीज करने से पहले ही बन गई थी। इसी कड़ी में सपा का अब अगला कदम नए अध्यक्ष की ताजपोशी से पहले ही खुद काबिज होने का है। फिलहाल संचालन कमेटी के गठन को लेकर अफसर शासन स्तर का मामला होने की वजह से कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
कोर्ट की शरण लेंगी नीरू पटेल
बरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष के अधिकार सीज करने के मामले में अब बसपा सपा के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की रणनीति बनाने में जुट गई है। स्थानीय बसपा नेताओं ने पूरे मामले से पार्टी सुप्रीमो मायावती को अवगत करा दिया है। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री को बताया गया कि सपा सरकार पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव से पहले ही बसपा के जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाने में लग गई है। बसपा नेताओं के मुताबिक, जल्द ही सपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जाएगा। शनिवार को नीरू पटेल के खिलाफ की गई कार्रवाई पर बसपा खेमे में पूरे दिन मंथन चलता रहा। अब अपने अधिकारों के लिए कोर्ट की शरण लेंगी नीरू पटेल।
बसपा के मंडल कोआर्डिनेटर ब्रहमस्वरूप सागर ने बताया कि पार्टी हाईकमान को मामले से अवगत करा दिया है। बताया गया है कि एक साजिश के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष के अधिकार सीज किए गए हैं। फिलहाल इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।