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त्रिशूल के रनवे को जेट एयरवेज ने दिया ग्रीन सिग्नल

Thu, 14 Sep 2017 01:55 AM IST
बरेली।
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एयर ट‌िममिऱ्र्मिनल
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नाथ नगरी एयर टर्मिनल के डिजाइन को जेट एयरवेज के महाप्रबंधक ने हरी झंडी दिखा दी। इसके बाद तय हो गया कि अगले साल दिसंबर तक जेट एयरवेज के विमान बरेली से उड़ान भरना शुरू कर देंगे। मंगलवार को नागरिक उड्डयन विभाग के विशेष सचिव डॉ. सूर्य पाल गंगवार के साथ यहां पहुंचे जेट एयरबेज के महाप्रबंधक डीएन शाह और उनकी टीम ने त्रिशूल के रनवे का जायजा लेने के बाद उसे रात में भी उड़ानें भरने के लिए टेक्निकल रूप से फिट माना। इसके बाद शाह ने नाथ नगरी एयर टर्मिनल से हवाई सेवा शुरू करने के लिए नीलामी की भी सहमति दे दी।
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बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपनी टीम के साथ त्रिशूल एयरबेस पर पहुंचे उत्तर प्रदेश नागरिक उड्डयन विभाग के विशेष सचिव डॉ. सूर्य पाल गंगवार ने यहां जेट एयरवेज के जीएम के अलावा प्रभारी डीएम सतेंद्र कुमार, एडीएम सिटी ओपी वर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह आदि के साथ बैठक की। इस बैठक में सबसे पहले त्रिशूल एयरबेस के रनवे के बारे में जानकारी ली गई। तकनीकी रूप से यह भी देखा गया कि इस रनवे पर रात में भी हवाई जहाज उड़ाए जा सकते हैं या नहीं। तकनीशियनों की टीम ने बताया कि त्रिशूल रनवे से 24 घंटे हवाई जहाजों को उड़ाया जा सकता है। ऐसे ही कई बिंदुओं पर जानकारियां जुटाने के बाद जेट एयरवेज के जीएम ने त्रिशूल एयरवेस के रनवे को तकनीकी रूप से फिट मानते हुए यहां से अपने हवाई जहाज उड़ाने को सहमति दे दी। यह भी साफ कर दिया कि नाथ नगरी एयर टर्मिनल से हवाई जहाज उड़ाने के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू करने में अब और कोई दिक्कत नहीं है।

जेट एयरवेज के महाप्रबंधक नाथ नगरी एयर टर्मिनल के डिजाइन से संतुष्ट है। उन्होंने त्रिशूल एयरबेस पर उपलब्ध सुविधाओं को भी पर्याप्त माना है। यहां से हवाई सेवा शुरू करने के लिए अगले वर्ष नवंबर तक बोली लगाने का काम पूरा हो जाएगा। दिसंबर में व्यावसायिक उड़ानें यहां से शुरू कराई जा सकती हैं। -सतेंद्र सिंह, प्रभारी डीएम
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इन बिंदुओं पर भी हुई चर्चा

पत्र आए तो खरीदी जाएगी जमीन
नाथ नगरी एयर टर्मिनल के लिए दक्षिण दिशा में 1,932 वर्ग मीटर जमीन की और जरूरत है। यह कृषि भूमि बताई जा रही है जिसकी कीमत 57.96 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ उत्तर दिशा में भी 1,353 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। इस जमीन में प्लाटिंग हो रही थी, लिहाजा इस जमीन की कीमत एक करोड़ 62 लाख 36 हजार रुपये है। विशेष सचिव ने इस संबंध में पूछताछ की तो विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह ने बताया कि उन्हें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के भूमि अधिग्रहण अधिकारी अनिल कुमार नरुला की ओर से पत्र का इंतजार है। पत्र आते ही वह जमीन का अधिग्रहण कर कब्जा लेने के बाद उनके सुपुर्द कर देंगे।

नहर की जमीन भी लेनी होगी
त्रिशूल एयरबेस की बाउंड्रीवाल और नाथ नगरी एयर टर्मिनल की जमीन के बीच में सिंचाई विभाग की 80 मीटर नहर भी है। एयरपोर्ट अथरिटी ऑफ इंडिया ने अभी तक नहर की जमीन को लेने के लिए कोई पत्राचार नहीं किया है। विशेष सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग ने इस संबंध में जानकारी की तो सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि नहर को लेकर भी एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अभी तक कोई पत्राचार नहीं किया है। वहां से कोई पत्र आता है तो नहर विभाग के बात कराकर डीएम से शासन को पत्र लिखवाया जाएगा। 

बाउंड्रीवाल का काम 50 फीसदी से ज्यादा पूरा
राजकीय निर्माण निगम ने नाथ नगरी एयर टर्मिनल का 50 फीसदी के ज्यादा का बाउंड्रीवाल का निर्माण करा दिया है। उत्तर और दक्षिण दिशा की जमीन का अधिग्रहण होते ही बाउंड्रीवाल के निर्माण में और तेजी आ जाएगी। 
   
बड़ा बाईपास से भी कनेक्ट होगा नाथ नगरी एयर टर्मिनल 
नाथ नगरी एयर टर्मिनल की पश्चिम दिशा में स्थित गैर आबाद गांव हाजीपुर ब्रजलाल की जमीन को भी अधिग्रहीत करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह जमीन मिलने के बाद नाथ नगरी एयरपोर्ट को बड़ा बाईपास (नेशनल हाईवे) से कनेक्ट किया जाएगा ताकि एयर टर्मिनल के बराबर में वर्कशाप का निर्माण किया सके। इस वर्कशॉप में विमानों में होनी वाली छोटी-मोटी खराबियों को दूर किया जा सकेगा। इसके लिए हाईवे की तरफ गेट भी लगाया जा रहा है।
नाथ नगरी एयर टर्मिनल को अगले सवा साल में चालू करने का दावा किया जा रहा है। अभी से ही उसके विस्तार का खाका भी तैयार हो रहा है। यहां से यात्रियों के साथ मालवाहक हवाई जहाज उड़ाने का भी इंतजाम होना है। जहाजों के लिए वर्कशाप भी बनाई जानी है। सूत्रों का कहना है कि एयर टर्मिनल के पश्चिम दिशा में गैर आबादी वाले राजस्व गांव हाजीपुर ब्रजलाल की जमीन है। सरकार इसका अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है। वहां के किसानों की सूची बनाई जानी शुरू हो गई है। इस गांव की जमीन लेने के बाद नाथ नगरी एयर टर्मिनल को बड़ा बाईपास से कनेक्ट कर दिया जाएगा। बड़ा बाईपास से एयर टर्मिनल का कनेक्शन होने के बाद उसे वर्कशाप और हवाई जहाजों की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।    

20 साल में बस गौतम बुद्ध से नाथ नगरी तक
वर्ष 1997 में प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने गौतमबुद्ध एयर टर्मिनल के नाम से पीलीभीत रोड स्थित मुड़िया अहमद नगर में हवाई अड्डे की नींव रखी थी। इसका शिलापट अभी भी मयूर वन चेतना केंद्र के गेस्ट हाउस के पास लगा है। अब तकरीबन बीस साल होने को हैं। इस बीच कई नई सरकारें आईं लेकिन अभी एयर टर्मिनल चालू नहीं हो पाया है। इस बीच सिर्फ इतना ही हो पाया कि आखिर के पांच सालों में एयर टर्मिनल के लिए जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से होने के बाद बाउंड्रीवाल का काम होने लगा। योगी सरकार ने इसका नाम बदलकर नाथ नगरी एयर टर्मिनल रख दिया। 
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