आरक्षण को लेकर बरेली में भी जाटों की ओर से मांग उठने के बाद पुलिस-प्रशासन ही नहीं खुफिया तंत्र भी अलर्ट हो गया है। हरियाणा में सुलगी जाट आरक्षण की आग यहां भी फैलने की आशंका बनी हुई है। वजह यह है कि जिले में बड़ी तादाद में जाट रहते हैं। बहेड़ी और मीरगंज तहसील क्षेत्रों के कई गांवों में जाट परिवार बसे हुए हैं। इनका मूल पेशा कृषि है। सोमवार को जाट महासभा की बरेली इकाई की ओर से जाट आरक्षण के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया गया। इसके बाद खुफिया विभाग ने जाट नेताओं को आगामी रणनीति के लिए टटोलना शुरू कर दिया।
बरेली में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक जेपीएस तोमर ने बताया कि अभी यहां आंदोलन को कोई इरादा नहीं है लेकिन अगर अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति से निर्देश मिले तो किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होेंने बताया कि बरेली के जाट नेता राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने फिलहाल किसी भी तरह से आंदोलन को आगे न बढ़ाने को कहा है लेकिन यह जरूर कह दिया है कि हमेशा किसी भी स्तर पर आंदोलन के लिए तैयार रहें। जेपीएस तोमर ने कहा कि केंद्र से ओबीसी आरक्षण के लिए लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ी जाएगी।