जल निगम ने सीवर लाइन के लिए सड़कें खोदीं, पुनर्निर्माण के नाम पर की खानापूर्ति, अब खामियाजा भुगत रहे लोग
नगर आयुक्त ने जल निगम के अधिशासी अभियंता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। जल निगम ने सीवर लाइन डालने के लिए स्मार्ट सिटी व दूसरे इलाकों की सड़कें खोद डालीं, लेकिन उनके पुनर्निर्माण के नाम पर महज खानापूर्ति की। नतीजा, पहली बरसात में ही कहीं सड़क धंस गई तो कहीं उखड़ गई। अब लोग आवागमन में परेशानी झेल रहे हैं। जल निगम के अधीक्षण अभियंता जहां सड़कों को ठीक कराने का दावा कर रहे हैं, वहीं नगर आयुक्त का कहना है कि सड़कों की हालत अच्छी नहीं है।
स्मार्ट सिटी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को सड़कें ठीक कराने के लिए 25 मार्च 2023 से 24 अगस्त 2024 तक सात पत्र भेजे। जल निगम ने सड़कों को ठीक कराया पर सड़कें बार-बार टूटीं और खस्ताहाल हुईं। कई स्थानों पर हालत अब भी खराब हैं। नगर आयुक्त ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को एक बार फिर पत्र भेजकर सड़कें ठीक कराने के लिए चेताया है।
नगर आयुक्त ने अपने पत्र में लिखा है कि जिस गुणवत्ता से स्मार्ट सिटी की सड़कें बनी थीं, उसी गुणवत्ता से उनका पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो सरकारी धन के दुरुपयोग और जनमानस की सुरक्षा को हानि पहुंचाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। जल निगम के अधीक्षण अभियंता केके कटियार का दावा है कि गुणवत्ता के अनुरूप ही सड़कों का पुनर्निर्माण कराया गया है। जांच में इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। जलभराव होने से सड़कें दोबारा खराब हुई हैं। अगर ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं होगा तो सड़कें सुरक्षित कैसे रहेंगी? फिर भी एक बार वह सड़कों को चेक कराएंगे। अगर कहीं कोई काम कराया जाना जरूरी है तो उसे कराएंगे।
यह है हाल
श्यामगंज चौराहे पर सड़क उखड़ी पड़ी है। गिट्टी बिखरी है। वाहनों के आवागमन के दौरान गिट्टी उछलकर लोगों को लगती है। नागरिकों ने मु्द्दा उठाया पर राहत नहीं मिल सकी। चौपुला पुल के नीचे सीवर लाइन को जोड़ने के लिए खोदाई हुई। सड़क बना दी गई, लेकिन कुछ ही दिनों में उखड़ गई। यहां से दस हजार वाहन रोज गुजरते हैं। आवागमन में खतरा है। श्मामगंज से नगर आयुक्त कार्यालय और सेटेलाइट से श्यामगंज के बीच कई स्थानों पर मैनहोल के कवर क्षतिग्रस्त हैं। हादसे का खतरा रहता है। श्यामगंज से गांधी उद्यान और गांधी उद्यान से बियावानी कोठी तक कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त है। पोस्टमार्टम हाउस के सामने भी सड़क धंस गई है। पाइप लाइन की लीकेज से 300 बेड अस्पताल के सामने स्मार्ट सिटी की सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। तीन स्थानों पर गड्ढे हैं।
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दो साल से झेल रहे परेशानी
चौपुला पुल के नीचे सड़क दो साल से खराब है। अधिकारी इसे ठीक करने दावा तो करते हैं, लेकिन हकीकत में सड़क ठीक नहीं हुई। दो साल से परेशानी झेल रहे हैं। - अरुण सक्सेना, ऑटो चालक
सीवर लाइन पड़े तो लंबा अरसा हो गया, लेकिन सड़क ठीक नहीं कराई गई। अब गिट्टी बिखरी पड़ी है। काम में लापरवाही की यह नजीर है। लोग परेशान हो रहे हैं। - अमित अवस्थी, अधिवक्ता