बरेली। आईवीआरआई अंडरपास की डिजाइन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। नैनीताल रोड पर अंडरपास के छोर पर एक्सीडेंट जोन इसलिए बन गया है कि अभी जो वाहन आईवीआरआई की तरफ से नैनीताल की तरफ जा रहे हैं, उन्हें रोड पर कट लेकर फ्लाईओवर के दूसरी साइड में जाना पड़ रहा है। ऐसे में डीआरएम दफ्तर की ओर से कुदेशिया की तरफ आने वाले वाहनों से उनकी टक्कर होने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि निर्माणाधीन दूसरा अंडरपास चालू भी हुआ तो भी यह दिक्कत बनी रहने की बात सामने आई है।
करीब 11 करोड़ की लागत से रेलवे के अफसर इस अंडरपास का निर्माण करा रहे हैं। इसके डिजाइन को लेकर पहले भी कुछ पेच सामने आ चुके हैं। अभी रेलवे अस्पताल की ओर एक साइड का अंडरपास ही चालू हुआ है। इससे गुजरने वाले ट्रैफिक को लेकर एक खतरा यह भी पैदा हो गया है कि इस अंडरपास से होकर आईवीआरआई से नैनीताल रोड पर वाहन उल्टी दिशा में पहुंच रहे हैं। इसके बाद इन्हें नैनीताल की तरफ जाने के लिए रोड को क्रास करके दूसरी दिशा में पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में यहां खतरनाक कट बन गया है। नैनीताल से कुदेशिया की तरफ अपनी दिशा में आने वालों के अंडरपास से नैनीताल रोड पर निकलने वाले वाहनों के टकराने का खतरा भी पैदा हो गया है। यही खतरा कुदेशिया से आईवीआरआई की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को भी अंडरपास से जाते समय भी झेलना पड़ रहा है। हालांकि दूसरी ओर स्टेशन की तरफ का अंडरपास अभी निर्माणाधीन है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर दूसरी साइड का अंडरपास भी खुल गया है तो उधर भी यही दिक्कत बनी रहेगी। दूसरी तरफ के अंडरपास से कुदेशिया रोड पर आने वाले वाहनों को नैनीताल की तरफ जाने के लिए फ्लाईओवर के आगे से टर्न होकर गुजरना होगा। ऐसे में वहां भी खतरा पैदा हो जाएगा।
अंडरपास के अंडर 90 डिग्री के मोड़ से भी पैदा हो चुका है खतरा
इस अंडरपास के अंदर रेलवे की पुलिया से नैनीताल रोड की तरफ जाते समय 90 डिग्री का बनाया मोड़ खतरे की घंटी बना हुआ है। इससे वाहनों के टकराने का खतरा पैदा हो गया है। गौरतलब है कि इस अधूरे अंडरपास का उद्घाटन होने के साथ ही इसके अंदर से वाहन भी गुजरने लगे हैं।
इस अंडरपास का काम अभी चल रहा है। अगर कहीं किसी तरह हादसे की आश्ंाका हो रही है, तो उसका समाधान होगा।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे