बरेली। आईवीआरआई ओवरब्रिज के निर्माण में लगातार देरी से लागत करीब 18 करोड़ बढ़ गई है। एस्टीमेट रिवाइज होने से सरकार को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। हालांकि अब रेलवे ने अपने हिस्से का काम शुरू कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि अक्तूबर में काम पूरा हो जाएगा, लेकिन इसे लेकर संशय यह है कि अफसर पहले भी कई बार काम पूरा करने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन उन्हें हर बार समय सीमा आगे बढ़ानी पड़ी।
वर्ष 2017 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को सेतु निगम और रेलवे दोनों को मिलजुलकर पूरा करना था। सेतु निगम को 29 करोड़ और रेलवेे को आईवीआरआई क्रासिंग वाले हिस्से पर करीब 10 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य पूरा करना था। प्रोजेक्ट 2018 में पूरा होना था, लेकिन पहले सेतु निगम की ओर से देरी हुई। हालांकि वर्ष 2019 में सेतु निगम ने आईवीआरआई रोड के साथ ही नैनीताल और इज्जतनगर स्टेशन की ओर अपने हिस्से का काम पूरा कर दिया, लेकिन रेलवे के अधिकारियों की लेटलतीफी से प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो सका है।
हालांकि करीब छह महीने पहले नोडल अफसर नवनीत सहगल ने ओवरब्रिज के निरीक्षण के दौरान सेतु निगम और रेलवे दोनों के ही अधिकारियों को फटकार लगाई थी और हरहाल में काम मार्च में पूरा करने के निर्देश दिए थे लेकिन देरी के बीच अब अधिकारियों ने अक्तूबर में काम पूरा करने की समय सीमा तय की। हालांकि लगातार पिछड़ते इस प्रोजेक्ट में निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोत्तरी का हवाला देते हुए सेतु निगम ने एस्टीमेट रिवाइज करा लिया है। अब रेलवे 10 करोड़ के बजाय 22 करोड़ और सेतु निगम 29 करोड़ के बजाय 35 करोड़ से निर्माण पूरा करेगी। यानी यह प्रोजेक्ट 39 करोड़ से बढ़कर 57 करोड़ का हो गया है। अब सरकार को इस प्रोजेक्ट के लिए 18 करोड़ अतिरिक्त बजट खर्च करना होगा।
कोरोना काल में साढ़े पांच करोड़ और देने से कन्नी काट रहा शासन
सेटेलाइट ओवरब्रिज का निर्माण करीब पूरा होने को है। अक्तूबर में इसे शुरू करने की समय सीमा है, लेकिन दिक्कत यह आ रही है कि इस ओवरब्रिज के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन काफी नीची है। ट्रैफिक शुरू हुआ तो इससे हादसे का खतरा बना रहेगा। इसे लेकर सेतु निगम के अधिकारियों ने साल भर पहले शासन से हाईटेंशन लाइन ऊंचा करने के लिए साढ़े पांच करोड़ का अतिरिक्त बजट मांगा था, ताकि पावर कारपोरेशन को इसका भुगतान किया जा सके लेकिन लगातार पैरवी के बावजूद यह बजट पास नहीं हो सका है। सूत्र बताते हैं कि कोरोना काल में बिगड़ी अर्थव्यवस्था के बीच शासन इतनी अतिरिक्त रकम देने को तैयार नहीं है।
लालफाटक की सर्विस रोड पर रेन कट बनने से बढ़ा खतरा
लालफाटक पर दोनों क्रासिंग के पास सेतु निगम ने करीब एक करोड़ की लागत से सर्विस रोड तैयार किया है। हाल में इस पर ट्रैफिक भी निकलना शुरू हो गया है, लेकिन बारिश की वजह से सर्विस रोड पर कई जगह मिट्टी बहने से रेन कट बनने शुरू हो गए हैं। हालांकि सेतु निगम के अधिकारियों ने इसकी मरम्मत भी कराई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। आशंका है कि चनेहटी स्टेशन से कई टन माल लेकर गुजरने वाले ट्रकों से इस सर्विस रोड को और ज्यादा खतरा पैदा हो सकता है।
आईवीआरआई ओवरब्रिज की लागत बढ़ गई है। रेलवे और सेतु निगम दोनों को ही निर्माण सामग्री के रेट बढ़ने सहित कई वजहों से ऐसा करना पड़ा है। लालफाटक पर कई जगहों पर रेन कट की जानकारी मिली थी। उनकी मरम्मत करा दी गई है। - देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम