बरेली। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से घोषणा किए जाने के बाद रविवार तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को शहरवासियों को बतौर उपहार निर्माणाधीन आईवीआरआई ओवरब्रिज का अंडरपास शुरू करने का दावा कर रहे रेलवे अफसरों ने रविवार को 24 घंटे पहले हाथ खड़े कर दिए। अब अफसर कह रहे हैं कि अंडरपास को उसके सारे काम पूरे बगैर चालू नहीं कराया जा सकता। उन्होंने इसकी अगली तारीख भी फिलहाल घोषित करने से इनकार कर दिया है।
पिछले सप्ताह सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने अफसरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शहरवासियों के लिए उपहार के तौर पर आईवीआरआई ओवरब्रिज का एक अंडरपास हर हाल में शुरू कराने को कहा था। केंद्रीय मंत्री के निर्देश के बाद कमिश्नर और डीएम ने रेलवे अफसरों से बात की थी और इस बात पर सहमति दे दी थी कि 17 सितंबर को उत्तरी दिशा वाला अंडरपास शुरू करा दिया जाएगा। हालांकि इसके बावजूद अंडरपास के निर्माण की गति नहीं बढ़ी तो यह साफ हो गया कि अफसर अपना वादा नहीं पूरा कर पाएंगे। इसके बावजूद अफसर रविवार तक अंडरपास को हर हालत में 17 सितंबर को चालू कराने की बात कहते रहे लेकिन सोमवार को अमर उजाला ने अपनी खबर में यह साफ कर दिया था कि यह दावा पूरा होना मुमकिन नहीं है।
आखिरकार सोमवार को पूर्वोत्तर रेलवे ने भी घोषित तिथि पर अंडरपास शुरू कर पाने से इनकार कर दिया। दरअसल बचे हुए सड़क हिस्से पर सोमवार तक स्लैब डालने के साथ कई और काम चलता रहा। इससे पहले मंत्री की घोषणा के बाद भी रेलवे ठेकेदारों ने इस काम को गंभीरता से नहीं लिया और अपनी गति से ही निर्माण कराते रहे। रेलवे अफसरों ने भी इसकी मानीटरिंग नहीं की। अब रेलवे अफसरों का कहना है कि अंडरपास बनाने के लिए अभी कई जरूरी काम बचे हैं, इसे पूरा करने होने के बाद ही अंडरपास शुरू कराया जाएगा।
अभी अंडरपास के निर्माण में कई जरूरी काम बचे हैं। इन्हें पूरा किए बगैर अंडरपास शुरू नहीं कराया जा सकता। काम पूरा होने बाद तकनीकी परीक्षण भी होगा, इसके बाद ही उद्घाटन की तिथि तय हो पाएगी। दूसरा अंडरपास भी अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे