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आईवीआरआई की भर्ती परीक्षा में बैठे सॉल्वर, दो पर एफआईआर

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ज्वाइनिंग प्रक्रिया के दौरान पकड़ी गई गड़बड़ी, गोवा केंद्र पर हुई थी परीक्षा
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बिहार और हरियाणा के युवकों ने अपनी जगह बैठाए थे सॉल्वर
नोटिस का जवाब न देने पर किया रिपोर्ट दर्ज कराने का फैसला

बरेली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईवीआरआई) में टेक्नीशियन पदों पर भर्ती के लिए गोवा केंद्र पर आयोजित परीक्षा में हरियाणा और बिहार के दो अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वरों के बैठने का मामला ज्वाइनिंग की प्रक्रिया के दौरान पकड़ लिया गया। दोनों अभ्यर्थियों के संस्थान की ओर से भेजे गए गए नोटिस का भी जवाब न दिए जाने पर आईवीआरआई के सुरक्षा प्रभारी संजय कुमार ने उनके खिलाफ थाना इज्जतनगर में एफआईआर दर्ज करा दी है।
आईसीएआर-आईवीआरआई में टेक्नीशियन ग्रेड वन के 102 पदों पर भर्ती के लिए देश भर में एक जुलाई, 2018 को परीक्षा आयोजित कराई गई थी। परीक्षा कराने का जिम्मा साइंटिफिक रिक्रूटमेंट बोर्ड यानी एसआरवी को सौंपा गया था। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि ज्वाइनिंग के वक्त दस्तावेजों के साथ ही अभ्यर्थियों का मिलान किया जा सके। इस प्रक्रिया के दौरान हरियाणा के जिला भिवानी के गांव-पोस्ट टालू निवासी सुरेंद्र पुत्र अजीत सिंह और बिहार में जिला जहानाबाद के गांव लोदीपुर निवासी मनीष कुमार पुत्र राजेश्वर प्रसाद के चेहरे परीक्षा के दौरान हुई फोटोग्राफी और प्रवेशपत्र पर लगे फोटो से मैच नहीं हो सके। इन दोनों ने परीक्षा के लिए गोवा केंद्र चुना था। गहराई से जांच में सामने आया कि इनके स्थान पर दूसरे व्यक्तियों ने परीक्षा दी थी। पूछताछ के लिए एसआरवी ने दोनों अभ्यर्थियों को तीन नोटिस भेजे लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर आईवीआरआई को दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सोमवार को आईवीआरआई के सुरक्षा प्रभारी संजय कुमार की तहरीर पर इज्जतनगर थाना पुलिस ने सुरेंद्र और मनीष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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परीक्षा केंद्र की भूमिका भी संदिग्ध
सूत्रों का कहना है इस मामले में गोवा स्थित परीक्षा केंद्र की भूमिका भी संदिग्ध है। एसआरवी की ओर से परीक्षा केंद्र को परीक्षार्थी का जो डाटा भेजा गया, उसमें परीक्षार्थी की डिटेल के साथ उसका प्रमाणित फोटो भी था, इसके बावजूद परीक्षा में अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर के बैठने से परीक्षा केंद्र की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। इसे लेकर परीक्षा केंद्र के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
आईवीआरआई में नौकरी के नाम पर पहले भी हो चुकी है ठगी
इससे पहले भी आईवीआरआई में नौकरी के नाम पर ठगी के मामले सामने आए हैं। मार्च में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला निवासी युवक से टेक्नीशियन पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर सिक्योरिटी मनी के रूप में 18,800 रुपये की मांग की गई थी। उसे 26,500 रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने के लिए फर्जी नियुक्तिपत्र भेजा गया था।
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टेक्नीशियन की ऑनलाइन परीक्षा में दो युवकाें ने फर्जीवाड़ा किया है। मामला पकड़ में आने के बाद दोनों के खिलाफ थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। - डॉ. आरके सिंह, निदेशक, आईवीआरआई
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