बरेली। आईवीआरआई में मंगलवार को पशु चिकित्सा विज्ञान के दक्षिण भारतीय और अहिंदी भाषी छात्रों को हिंदी भाषा में कौशल विकास के लिए आयोजित दो दिवसीय हिंदी उन्मुखीकरण कार्यशाला का समापन हो गया। अन्वेषक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने छात्रों से कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा होने के साथ-साथ स्थानीय संवाद की भाषा भी है। इसलिए आप सभी अधिक से अधिक हिंदी में बोलने व लिखने की कोशिश करें साथ ही हिंदी में बात करें।
संस्थान के संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) व कास्ट परियोजना नोडल अधिकारी डॉ. त्रिवेणी दत्त ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन में प्रयुक्त आम तकनीकी शब्द पर डॉ. अभिजीत पावड़े, डा. संजीव मेहरोत्रा, दैनिक जीवन में हिंदी भाषा पर डॉ. उपेंद्र सिंह डॉ. धर्मेश तिवारी आदि ने व्याख्यान दिए। समारोह का संचालन राजभाषा अनुभाग की प्रभारी सुजाता जेठी ने किया। यह कार्यशाला विश्व बैंक एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा वित्तपोषित राष्ट्रीय कृषि एवं उच्च शिक्षा परियोजना के लिए उन्नत कृषि विज्ञान एवं तकनीकी केंद्र (कास्ट) व पशु स्वास्थ्य हेतु उन्नत केंद्र (ए.सी.एल.एच.) द्वारा आयोजित की गयी थी।