दो हफ्ते पहले ही शासन से जिला प्रशासन को मिल चुका है 10 करोड़ का बजट
बरेली। वर्षों से बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी की जमीन पर सॉफ्टेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना जल्द होने की उम्मीद है। पिछले दिनों 10 करोड़ का बजट जारी करने के बाद अब शासन स्तर से जमीन की रजिस्ट्री कराने की तैयारी शुरू हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, शासन के प्रतिनिधि ही यहां आकर जमीन की रजिस्ट्री कराएंगे। हालांकि, इससे जुड़ी सभी तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
डीएम नितीश कुमार के मुताबिक, आईटी पार्क बसाने के लिए बंद पड़ी आईटीआर फै क्टरी की जमीन की रजिस्ट्री कराने की कवायद चल रही है। इसके लिए शासन ने दो हफ्ते पहले ही 10 करोड़ का बजट जिला प्रशासन को जारी कर दिया। शासन स्तर पर औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं। इसी माह किसी भी दिन शासन के प्रतिनिधि आ सकते हैं। उनकी मौजूदगी में जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आईटी पार्क बसाने के लिए शासन स्तर से ही सारी कवायद हो रही है। जिला प्रशासन को सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री कराने की जिम्मेदारी मिली है।
पहले आईटी पार्क को आईटीआर फैक्टरी की करीब चार एकड़ जमीन पर बसाया जाना था, लेकिन बजट कम होने से एक एकड़ में पार्क बसाने पर सहमति बनी। करीब दो माह पहले शासन से आई टीम एक एकड़ में पार्क बसाने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार कर चुकी है। फैक्टरी परिसर स्थित बंगला नंबर दस के पास की जमीन इसके लिए तय हुई है। बजट मिल चुका है। जमीन भी फाइनल है, लिहाजा अब कोई अड़चन नहीं है।
मार्च में ही बजट पर लग गई थी मुहर
मार्च, 2021 में ही शासन से 10 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद आईटी पार्क के लिए जिला प्रशासन ने जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दी थीं। जून में कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने डिजाइन पर संस्तुति जताते हुए जमीन की रजिस्ट्री होते ही तेजी से निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए थे। कंपनी एक्ट के तहत बोर्ड का गठन कर शक्ति हस्तांतरित करने के लिए भी अफसरों से कहा था।
नामचीन कंपनियां लगाएंगी प्लांट
आईटी पार्क बसाने की जिम्मेदारी यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स को दी गई है। शासन स्तर से अधिकारी नामचीन सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस से संपर्क में हैं। बताते हैं कि कंपनियां बरेली आने को राजी हैं, क्योंकि उनके प्रतिनिधि लगातार बरेली आकर कॉलेजों में जॉब फेयर के दौरान रिक्रूटमेंट कर रहे हैं। आईटी पार्क बनने के बाद बरेली के विद्यार्थियों को नौकरी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। उन्हें अपने शहर में ही रोजगार के अपार अवसर सुलभ होंगे।