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बिलाल ने कहा हम कर चुके निकाह, पुलिस बोली अभी नहीं

Sun, 25 Oct 2020 02:00 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बिलाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पुलिस का दावा, पकड़े जाने के डर से शादी नहीं कर पाया प्रेमी जोड़ा
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मुंबई भागने की फिराक में था बिलाल, ऐन वक्त पर पकड़ा गया

बरेली। प्रेमी जोड़े ने अभी शादी की है या नहीं, इसे लेकर पुलिस और आरोपी बिलाल के अलग - अलग दावे हैं। रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेशी से लौटते समय बिलाल ने दावा किया कि वह छात्रा से निकाह कर चुका है। जबकि पुलिस उसके इस दावे को खारिज कर रही है। पुलिस का कहना है कि फरार होने के बाद से ही प्रेमी जोड़ा इधर - उधर छुपता फिर रहा था। पकड़े जाने के डर से दोनों अभी शादी नहीं कर पाए थे। लेकिन माहिरा पत्नी बिलाल नाम से बना छात्रा का आधार कार्ड बिलाल के दावे में दम डाल रहा है।
पुलिस के मुताबिक बिलाल 17 अक्तूबर को लड़की को लेकर सबसे पहले अपने परिचित के पास रामपुर होकर हल्द्वानी गया था। वहां एक रात रुका ही था कि उसे पता लगा कि पुलिस उसके घर गई है और उसकी लोकेशन ट्रेस की जा सकती है। यहां से वह फिर रामपुर, मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली चला गया। वहां यह लोग एक रात होटल में रुके। इस बीच उसने मुरादाबाद और फिर दिल्ली में जब अपना मोबाइल ऑन किया तो उसका पता लगाती टीम दिल्ली पहुंच गई। उसे करीबियों से इसका अहसास हुआ तो उसने दिल्ली को छोड़कर अजमेर का रास्ता पकड़ा। दोनों तब से अजमेर में ही रह रहे थे। यहां उन्होंने मोबाइल पूरी तरह से बंद कर रखे थे।
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पुलिस का दावा है कि लड़की के कागजात बिलाल के पास थे। रकम भी लड़की घर से ले गई थी। दोनों शादी करते लेकिन पुलिस के डर से उन्हें इसका मौका नहीं मिला। बिलाल ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने को उन्होंने एक वकील को एक लाख रुपये भी दे दिए थे। लेकिन पुलिस के डर से वह हाईकोर्ट तक नहीं पहुंच पाए।
उधर, बिलाल का कहना है कि उसने लड़की से निकाह कर लिया है। कोर्ट के बाहर आते समय बिलाल ने यह बात बताई। उसने बताया कि शादी के लिए दोनों पहले से ही सारे कागजात लेकर गए थे। दोनों के पास आधार कार्ड, स्कूलों की मार्कशीट आदि दस्तावेज मौजूद थे। शादी के बाद दोनों मुंबई जाने की फिराक में थे। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस को बिलाल के एक खास रिश्तेदार व दोस्त से उसके बारे में सारी जानकारी मिल गई थी।

लड़की के पिता और बुआ भटकते रहे

शनिवार को लड़की के पिता किला थाने गए तो वहां किसी ने उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उसकी बुआ व कुछ महिलाएं एसएसपी दफ्तर पहुंचीं तो पता लगा कि आज अवकाश है और अधिकारी थाना समाधान दिवस में गए हैं। तब वह भी लौट आईं। मायूस पिता का कहना था कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं है। वह कोई वकील करके बेटी से बात करने का प्रयास करेंगे। एसएसपी से भी मिलेंगे। वह चाहते हैं कि एक बार बेटी से उनकी बात हो जाए। उन्होंने कहा कि बिलाल से रुपये बरामद होने की बात पता लगी है। उन्होंने पहले ही बताया था कि उनका काफी रुपया बेटी के जरिये हड़प लिया गया है।

प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराएगी पुलिस

डीआईजी राजेश पांडेय का कहना है कि छात्रा ने जो हाईस्कूल का प्रमाणपत्र पेश किया है वह प्राथमिक तौर पर सही लग रहा है पर पुष्टि के लिए पुलिस उसका सत्यापन करा लेगी। यदि उम्र के निर्धारण में कोई और अड़चन आई तो मेडिकल परीक्षण से स्थिति स्पष्ट करा ली जाएगी।

36 घंटे के आपरेशन में हाथ आया बिलाल

बरेली। यूं तो बिलाल लड़की को 17 अक्तूबर को लेकर भागा था। पुलिस तब से ही उसकी तलाश कर रही थी। लेकिन 20 अक्तूबर को किला थाने में बवाल के बाद शहर की पूरी पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद पुलिस ने बिलाल तक पहुंचने में सारी ताकत झोंक दी। यही कारण रहा कि 21 अक्तूबर को उसके पास बिलाल के बारे में सारी जानकारी आ गई थी। इसके बाद पुलिस की टीम बरेली से रवाना हुई। महज 36 घंटे के अंदर बिलाल पुलिस के हाथ में आ चुका था।
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किला थाने में बवाल के बाद पुलिस ने बिलाल की लोकेशन पता करने के लिए सर्विलांस लगाया। लेकिन उसका फोन बंद जा रहा था। लेकिन सर्विलांस से पुलिस को उन लोगों के नंबर मिल गए जिनसे बिलाल ने बात की थी। एक के बाद एक नंबर की पड़ताल करते-करते पुलिस बिलाल तक पहुंच गई। पुलिस को बिलाल की लोकेशन पहले दिल्ली में पता चली। इसके 21 अक्तूबर की रात को पुलिस की टीम बिलाल को पकड़ने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हुई। 22 अक्तूबर की सुबह टीम दिल्ली पहुंच गई। लेकिन बिलाल यहां से निकल चुका था। पूरे दिन टीम दिल्ली की खाक छानती रही लेकिन बिलाल नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम को पता चला कि बिलाल जयपुर की तरफ है। 22 अक्तूबर की शाम पांच बजे पुलिस टीम दिल्ली से जयपुर के लिए चल दी। रात तीन बजे पुलिस टीम जयपुर पहुंच गई। यहां उसे पता चला कि दोनों अजमेर शरीफ की दरगाह पर गए हैं। पुलिस को लगा कि जब तक वह पहुंचे हो सकता है कि दोनों यहां से भी निकल जाएं। इसके बाद उन्होंने अजमेर शरीफ के पास के थाना पुलिस से संपर्क किया। पहचान के लिए वहां की पुलिस को बिलाल और लड़की के फोटो भेजे गए। इसके बाद अजमेर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और थाने ले आई। 23 अक्तूबर की सुबह टीम अजमेर पहुंच गई। थाने जाकर पुलिस टीम ने दोनों को अपनी कस्टडी में लिया। यहां कागजी खानापूर्ति पूरी की। 23 अक्तूबर की सुबह 9 बजे पुलिस टीम बिलाल और लड़की को लेकर बरेली के लिए चल दी। जयपुर, रिंगरोड, गाजियाबाद होते हुए 23 अक्तूबर की दोपहर में बरेली जिले की सीमा में प्रवेश कर गए।

रात में मीरगंज थाने में रखा, ढाबे पर खिलाया खाना

शुक्रवार की सुबह 9 बजे बिलाल और लड़की पुलिस के हाथ आ गए थे। पुलिस चाहती तो दोनों शुक्रवार की शाम को ही किला थाने में होते। लेकिन दोनों को रात में मीरगंज थाने में रखा गया। इस दौरान पुलिस ने लड़की से पूछताछ की लेकिन वह अपने बयानों से टस से मस नहीं हुई। दोपहर बाद पुलिस मीरगंज पहुंची। बिलाल और लड़की ने भूख लगने की बात कही तो यहां एक ढाबे पर पुलिस ने रुककर खाना खिलाया। ढाबे पर पुलिस टीम काफी देर तक रुकी रही। इसके बाद बिलाल और लड़की को अलग कर दिया गया। मीरगंज में दोनों गाड़ियां अलग-अलग जगह घूमती रही। रात में दोनों को अलग-अलग मीरगंज थाने में रखा गया। रात तीन बजे पुलिस बिलाल को मीरगंज थाने से लेकर चली। पांच बजे तक किला थाने पहुंच गए।
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