शोपीस बना सिंधौली आईटीआई भवन। संवाद
करोड़ों रुपये से बना भवन बना शोपीस, क्षेत्र के विद्यार्थी दूर जाकर ग्रहण कर रहे शिक्षा, जेब पर पड़ रहा दबाव
मीरगंज। सिंधौली गांव में कस्तूरबा गांधी विद्यालय के पास करोड़ों रुपये की लागत से पांच साल पहले राजकीय उद्योग संस्थान (आईटीआई) भवन बनकर तैयार हो गया, लेकिन मशीनरी, प्रधानाचार्य व अनुदेशकों के अभाव में आज तक यहां कक्षाएं संचालित नहीं हो सकीं। क्षेत्र के विद्यार्थी दूर जाकर तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
आईटीआई परिसर में कटीली झाड़ियां उग आई हैं। इसमें सांप इत्यादि रहते हैं। कमरों में फर्श के लिए लगे शीशे, परिसर में बिछाने के लिए आए पत्थर आदि सब जहां-तहां पड़े हैं। इससे क्षेत्र में गरीब परिवारों के शिक्षित बेरोजगारों का उन्हीं के गांव के आसपास तकनीकी रूप से कुशल और आत्मनिर्भर बनने का सपना दम तोड़ रहा है।
सीबीगंज स्थित सरकारी आईटीआई में ही सिंधौली आईटीआई के प्रशिक्षण के भी प्रवेश लेकर उनकी कक्षाएं आरंभ करवा दी गईं। मीरगंज क्षेत्र के लगभग 200 से अधिक बच्चे हैं, जो सिंधौली के नाम से सीबीगंज में कक्षाएं ले रहे हैं। कुछ बच्चे धन के अभाव में इतनी दूरी पर शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि प्रतिदिन के आने-जाने का उनका किराया भी 150 रुपये के करीब बैठता है।
आश्वासन के अलावा नहीं निकला निष्कर्ष
कई सालों से रह रहे चौकीदार राम मूर्ति लाल ने बताया कि उन्हें तीन हजार प्रतिमाह मानदेय मिलता है। वह इसकी निगरानी करते हैं। सिंधौली ग्राम प्रधान पति मुकेश कश्यप, राजेश गुप्ता ने बताया कि इसको शुरू कराने की मांग की थी, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई हल नहीं निकला। संवाद