एक साल में शहामतगंज ओवरब्रिज का निर्माण कराने के लिए मॉर्डन टेक्नॉलाजी की इटली से मशीनें आ रहीं हैं। इन मशीनों से पुल के पिलर बनाने को बेस की 24 फीट गहरी खुदाई दो घंटे में हो जाएगी। यह मशीन मुंबई से बरेली के लिए रवाना हो गईं हैं। जो कि अगले सप्ताह तक आ जाएगी। इसी तरह अन्य कामों के लिए ब्रिटेन आदि देशों की मिक्सर मशीनें आएंगी। जिनसे एक साल के अंदर इस ओवर ब्रिज का निर्माण हो सकेगा।
राज्य सेतु निगम की निर्माण इकाई के अधिकारियों की टीम ने गुुरुवार सुबह शहामतगंज चौराहे पर ओवर ब्रिज के पिलर बनाने के लिए चिन्हांकन किया था। तकनीकी टीम के अनुसार यह ब्रिज 16 पिलरों पर होगा, इसमें से आठ पिलर विकास भवन से चौराहे तक होंगे, जबकि शेष आठ पिलर बारादरी थाने तक के लिए हैं। इन पिलरों के स्थानों का चिन्हांकन हो गया है। इन स्थानों पर इटली की ड्रिल मशीन से 25 फीट गहरा गड्ढा किया जाएगा। सेतु निगम के अफ सरों का कहना है कि एक पिलर के लिए ड्रिल मशीन से दो घंटे में गड्ढा कर दिया जाएगा। उसके बाद आरसीसी का पिलर बनना शुरू हो जाएगा। शहामतगंज चौराहे पर ओवर ब्रिज के लिए पुराने पेड़ काटने का फैसला लिया है।
दशहरा बाद पहले फेज में विकास भवन से शहामतगंज चौराहे तक का रुट डायवर्ट होगा। यहां आने वाले वाहन ईसाईयों की पुलिया होकर सेटेलाइट की ओर निकाले जाएंगे। इस क्षेत्र में पुल बनने के बाद दूसरे फेज में बारादरी इलाके का ट्रैफिक डायवर्ट होगा।