मुख्यमंत्री की जिला कारागार में लोहिया पार्क बनाने संबंधी घोषणा पर बरेली के विकास के नाम पर करोड़ों बटोर रहे बरेली विकास प्राधिकरण के कर्ताधर्ताओं ने 60 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बना कर शासन को भेज दिया। कमिश्नर और डीएम ने गुरुवार को खुद जिला कारागार जाकर स्थलीय निरीक्षण किया तो वे भी चौंके। जो काम होना है उसके मुकाबले ये एस्टीमेट देख कर उन्हें भी खेल का आभास हो गया। बीडीए को व्यवहारिक एस्टीमेट बनाने को कहा गया। अब इसी काम के लिए 10 करोड़ का एस्टीमेट हो रहा है। जिसमें बाउंड्रीवाल के अलावा टहलने के लिए रोड तथा अन्य सुविधाएं भी होंगी।
पिछले माह बीडीए ने जेल की 70 एकड़ जमीन पर लोहिया पार्क बनाने के लिए 60 करोड़ का प्रस्ताव भेज दिया था। इतना मोटा एस्टीमेट को देखकर डीएम ने भी कहा कि ये तो काम न करने का बहाना है। प्रशासनिक अफसरों की सख्ती के बाद अब करीब 10 करोड़ से पार्क बनाने का प्रस्ताव तैयार करने की कवायद की जा रही है।
बीडीए ने जो प्रस्ताव शासन को भेजा था उसमें लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क की तर्ज पर पार्क की जमीन के चारो ओर बाउंड्रीवाल, इंडोर मार्केट, बच्चों के झूले, वॉटर बॉडी, इंडोर स्टेडियम, जगह-जगह फव्वारे लगाने समेत अन्य कामों को कराकर उसे आकर्षक बनाने का सुझाव दिया गया था। इतने बजट के प्रस्ताव से शासन और प्रशासन के उच्चाधिकारी खुश नहीं है।अब बहस इस बात पर हो रही है कि ये प्रस्ताव एक झटके में करोड़ों समेटने के लिए बना या फिर बनाने वाले ये काम करना ही नहीं चाहते थे। बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मंडलायुक्त के साथ वह भी जिला जेल का निरीक्षण कर चुके हैं। उसका नक्शा तैयार कराकर रिवाइज प्रस्ताव बनवाया जा रहा है। जल्दी ही नया प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।