राज्यपाल के हेलीकाप्टर का दरवाजा गिरने की खबर ने बरेली से लेकर लखनऊ-दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया। वो तो अच्छा हुआ कि खराबी का पता उड़ने से पहले ही चल गया। अगर आसमान में ऐसी खराबी आती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पायलट ने जैसे ही दरवाजा बंद करने के लिए उसे आगे की तरफ धकेला वह नीचे आ गिरा। फिर किसी तरह उसे अपनी जगह लगाया तो गया लेकिन वह बंद होने की स्थिति में नहीं था। स्थानीय अफसरों से लेकर लखनऊ तक के इस खबर को सुनकर अधिकारी सन्न रह गए। मुख्यमंत्री ने इस मामले में रिपोर्ट मांग ली है। वहीं दूसरी ओर राजभवन से भी इस मामले में जांच कराने के बारे में लिखने के संकेत मिले हैं। इस हेलीकाप्टर की मरम्मत के लिए एयर क्राफ्ट से तकनीकी अधिकारियों की टीम बरेली आ गई है जो कि देर रात राज्य सरकार के बीटी वीपीएल हेलीकाप्टर को सही करने में जुटी रही। यह प्रकरण राज्यपाल से जुड़ा होने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
लखनऊ से टीम आने तक पायलट खुद ही दरवाजा सही करने में लगे रहे। शहर की की दुकानों से कई तरह के पेचकश मंगाए गए। सही करके लगाने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं दूसरी ओर लखनऊ से नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से साफ निर्देश थे कि हेलीकाप्टर सही भी हो जाए तो भी राज्यपाल को उस हेलीकाप्टर से न लाया जाए। उनके लिए एयरक्राफ्ट की व्यवस्था करा दी गई है। इस हेलीकाप्टर को सही करने के लिए तकनीकी अधिकारियों की टीम भेज दी गई है।
हेलीकाप्टर खराब होने के कारण प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मोहर्रम की तैयारियों के सिलसिले में शाम को प्रस्तावित बैठक टालनी पड़ी। ये तो अच्छा था कि जिले भर के सीओ, एसडीएम तथा अन्य अधिकारियों को शाम चार बजे बैठक के लिए पुलिस लाइन बुला लिया था। अधिकारी बैठक में शामिल होने के लिए आए तो उनको राज्यपाल को सुरक्षित त्रिशूल एयरबेस तक पहुंचाने की व्यवस्था में रुटों पर पुलिस अधिकारियों के साथ तैनात करा दिया।
शहर में शाम अचानक सड़कों पर पीएसी, पुलिस और सीओ की तैनाती देखकर लोगों में बैचेनी बढ़ गई। लोग इधर उधर से सड़कों पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती देखकर चर्चाएं करने लगे। राज्यपाल की गाड़ियों की फ्लीट के निकलने के बाद ही लोगों के बीच चर्चाएं थम पाईं।
‘हेलीकाप्टर की खिड़की खराब हो गई थी, जो कि बड़ा मामला नहीं है। चूंकि यह मामला राज्यपाल महोदय से जुड़ा था, इसलिए गंभीर है। उन्हें परेशानी हुई, जिसका हमें अफसोस है। तत्काल एयरक्राफ्ट की व्यवस्था करा दी गई थी। एयर कंट्रोल से अनुमति लेकर एयर क्राफ्ट उन्हें समय से लखनऊ ले आया।’ देवेंद्र स्वरूप, निदेशक नागरिक उड्डयन
‘तकनीकी टीम बरेली आ गई है, जो कि हेलीकाप्टर को सही करेगी। उसके बाद ही यह हेलीकाप्टर लखनऊ उड़ान भर सकेगा। जहां तक जांच का सवाल है, इसका निर्णय राज भवन की ओर से होगा।’ पंकज यादव डीएम
‘हेलीकाप्टर मशीनरी है, कब खराब हो जाए, कहा नहीं जा सकता लेकिन बरेली में हवा कुछ ज्यादा तेजी से ही चलती है।’ राम नाईक, राज्यपाल